अमर उजाल ब्यूरो
करनाल। रोडवेज की हड़ताल के दूसरे दिन जीएम अश्विनी डोगरा ने 64 कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का फरमान जारी कर दिया। इनमें आउटसोर्सिंग के 12 कर्मचारी भी शामिल हैं, जबकि बाकी 52 कर्मचारी 2018 में भर्ती हुए थे। इन्हें मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार कर्मचारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए दूसरे दिन यह ऑर्डर जारी कर दिए गए। इसके भनक लगते की कर्मचारी और गुस्सा गए। यूनियन के नेताओं ने कहा कि यह दबाव बनाने की राजनीति है, लेकिन वह किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं। बुधवार को कर्ण पार्क में धरना दे रहे कर्मचारियों ने बताया कि हड़ताल दो दिन और जारी रहेगी। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की केंद्रीय और जिला कमेटी ने शहर में प्रदर्शन किया। लगातार दो दिन से चल रही हड़ताल के कारण यात्रियों को खासी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है।
चरमरा गई यातायात व्यवस्था
रोडवेज की हड़ताल से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। दूसरे दिन करनाल रोडवेज को करीब 14 लाख के राजस्व का घाटा हुआ। यात्री पूरा दिन परेशान रहे। हां, हड़ताल के बाद निजी बसों ने जरूर चांदी कूटी। सवारियों की संख्या अधिक होने के कारण बसें फुल रहीं। बस स्टैंड परिसर पर पूरा दिन सन्नाटा पसरा रहा।
406 कर्मचारी हड़ताल पर रहे
दूसरे दिन रोडवेज के 406 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इनमें 206 चालक और 200 परिचालक शामिल हैं। करनाल रोडवेज की सभी 181 बसों बंद रही। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। कारण बताओ नोटिस जारी के होने के बाद भी आउटसोर्सिंग और 2018 में भर्ती नए कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे।
कर्मचारी नेता बोले-सरकार हुई तानाशाह
हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम रखा। नए और पुराने बस अड्डे पर बसें खड़ी रखी। कर्मचारी कर्ण पार्क में इकट्ठा हुए। कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया कि सरकार की वादाखिलाफी और अड़ियल रवैये को देखते हुए हड़ताल दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। अब 18 और 19 अक्तूबर को भी रोडवेज की बसों का चक्का जाम रहेगा। राज्य वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश लाठर ने कहा कि सरकार तानाशाह बनकर काम कर रही है। 2016 में लगे चालकों की सेवा समाप्ति का नोटिस तैयार किया और इस दबाव में कोई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं गया। जब तक सरकार बातचीत करके नई स्कीम 720 बसों की योजना का हल नहीं निकालती हड़ताल जारी रहेगी।
इन यूनियनों ने दिया समर्थन
रोडवेज कर्मचारियों को बिजली, नगरपालिका, किसान सभा, फायर ब्रिगेड यूनियन, स्वास्थ्य विभाग सहित कई कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया। इस अवसर पर डिपो प्रधान सुखविंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, काला राम, जगपाल, राजकुमार जंजो, कृपाल लाडी, कर्मबीर नरवाल, अशोक मान, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान सरेश लाठर व चेयरमैन ईश्वर सिंह ने कर्मचारियों में जोश भरा।
शहर में प्रदर्शन कर जताया रोष
इधर, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की केंद्रीय कमेटी व जिला कमेटी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में शहर में प्रदर्शन किया। सैकड़ों कर्मचारी पहले नगर निगम कार्यालय में इकट्ठा हुए। इसके बाद जिला प्रधान ओमप्रकाश सिंहमार की अध्यक्षता में सड़क पर निकले। ओमप्रकाश सिंहमार व सचिव कृष्ण ने कहा कि रोडवेज की हड़ताल को तानाशाही तरीके से दबाने, एस्मा लगाने, गिरफ्तारियां करने, कर्मचारियों को बर्खास्त करने के फैसले का सर्व कर्मचारी संघ विरोध करता है। सुशील गुर्जर, अशोक परोचा व वीरभान बिड़लान ने कहा कि सरकार ने अड़ियल रवैया नहीं छोड़ा तो कच्चे और पक्के कर्मचारी 2019 में चुनाव में सरकार को सबक सिखाएंगे।