करनाल। पीडब्ल्यूडी व मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सड़कें बनाने में नियमों की अवहेलना व गड़बड़ियों की शिकायतों को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के तकनीकी सलाहकार विशाल सेठ अचानक करनाल पहुंचे। इससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सबसे पहले तो पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अधिकारियों को तलब कर बैठक ली और विकास की जानकारी ली। सड़कों में नियमों के अनुसार कार्य नहीं करने पर उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों की खिंचाई भी की। इसके बाद शहर में चल रहे विकास कार्यों को चेक किया और सड़कों के सैंपल भी लिये। इन सैंपल की रिपोर्ट विभाग के मंत्री व सीएम को भेजी जाएगी। अगर खामी सामने आई तो संबंधित ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
सुबह 10 बजे प्रदेश सरकार के तकनीकी सलाहकार विशाल सेठ अनाचक करनाल पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। पीडब्ल्यूडी व हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारी आनन फानन में रेस्ट हाउस पहुंचे। तकनीकी सलाहकार ने करीब एक घंटे तक संबंधित अधिकारियों की क्लास ली। सेठ ने सभी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी कि सड़क समेत अन्य निर्माण कार्यों मे अगर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई तो ठेकेदार और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मामले में सीएम मनोहर लाल काफी सख्त हैं, इसलिए पहले मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों के सैंपल लिए जाएंगे और उनकी जांच की जाएगाी।
नगर निगम का नाला और करनाल-इंद्री फोरलेन का कार्य जांचा
तकनीकी सलाहकार ने नगर निगम द्वारा करीब 90 लाख रुपये की लागत से ठंडी सड़क पर बनाए जा रहे नाले का कार्य भी जांचा। उन्होंने नगर निगम के एसई महिपाल सिंह से रिपोर्ट तलब की। इसके बाद वे अधिकारियों के साथ 39 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे करनाल-इंद्री के फोरलेन वर्क पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कार्य की बारीकी से जांच की। मिट्टी, बजरी समेत अन्य चीजों की जांच की और अधिकारियों से सवाल भी पूछे। संबंधित ठेकेदार व अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि कार्य को समय पर पूरा करें और क्वालिटी पर किसी भी स्तर पर समझौता न करें।
लालुपुरा सड़क पर एक्सईएन से पूछा, इतने हिचकोले क्यों?
तकनीकी सलाहकार ने अमर उजाला में प्रकाशित अमृतपुर कलां से लेकर लालुपुरा तक सड़क की खबर पर भी अधिकारियों से जवाब तलब किया। विशाल सेठ ने मार्केटिंग बोर्ड के एक्सईएन विनय रावल से पूछा कि सड़क में इतना पैसा खर्च करने के बावजूद इतने हिचकोले क्यों हैं? एक्सईएन इसका कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। काफी देर तक विशाल सेठ ने एक्सईएन की खिंचाई की। सड़क का पूरा रिकॉर्ड, टेंडर और एस्टीमेट मांगा। एसडीओ बिजेंद्र सिंह ने रिकॉर्ड पेश किया। रिकॉर्ड देखने के बाद तकनीकी सलाहकार ने एसडीओ की भी खिंचाई की और कहा कि ये बर्दाश्त नहीं होगा। जब कार्य चल रहा हो उसी समय चेकिंग की जाए, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
बोर्ड की सड़क के भरे सैंपल, ठेकेदार नहीं दे पाया जवाब
करनाल में जांच के बाद तकनीकी सलाहकार सरकारी अमले के साथ निसिंग के गांव गोंदर पहुंचे। मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों की मौजूदगी में गोंदर से गांव गोबिंदगढ़ जाने वाली सड़क के तीन अलग अलग स्थानों से सैंपल लिए गए। संबंधित जेई जिंतेंद्र व नरेंद्र सिंह पर भी सवाल दागे। साथ ही ठेकेदार से भी पूछताछ की। ठेकेदार और जेई अलग-अलग बयान देते नजर आए। तारकोल और मिट्टी आदि को लेकर ठेकेदार कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस सड़क पर साथ में बरम भी नहीं मिली। इस पर तकनीकी सलाहकार ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश किए कि सड़क के साथ बरम जरूर बनाई जाए।
गड़बड़ी कतई बर्दास्त नहीं : तकनीकी सलाहकार
इस बारे में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के तकनीकी सलाहकार विशाल सेठ ने बताया कि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम रही है। किसी भी कार्य में गड़बड़ी बर्दाशत नहीं जाएगी। सड़कों को लेकर शिकायतों के चलते सड़कों के सैंपल लेने का फैसला लिया गया है। सेठ ने कहा कि जिलेभर में कहीं भी कोई भी विकास कार्य चल रहा हो, अगर किसी को लगता है कि सामग्री अच्छी नहीं है तो उसकी तुरंत प्रशासन के पास शिकायत करें, अगर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता तो वे विभाग को भी शिकायत कर सकते हैं। अभी कुछ कार्यों को जांचा है, और कुछ जगह से सैंपल लिए हैं, लेकिन वे दोबारा से आएंगे, जहां गड़बड़ी पाई गई तो उसका ठेकेदार और अधिकारी जरूर नपेंगे।