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मांगों के लिए किसानों ने जड़ा भादसो शुगर मिल को ताला

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मांगों के लिए किसानों ने जड़ा भादसो शुगर मिल को ताला
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अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री, गढ़ीबीरबल। गन्ना एक्शन कमेटी के तत्वाधान में किसानों ने मंगलवार को शुगर मिल भादसो में किसानों की मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया किसानों ने मिल गेट को ताला लगा दिया और सड़क जाम कर मिल प्रबंधन वह सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि शुगर मिल किसानों के गन्ने का भुगतान टोकन सिस्टम बाहरी किसानो के गन्ने की आपूर्ति कर क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय किया रहा है। किसानों के प्रदर्शन के बाद सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर उनकी समस्याओं को के समाधान का आश्वासन दिया, किसानों के उग्र तेवरों को देखते हुए इंद्री के एसडीएम प्रदीप कौशिक ने मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनी और उनकी समस्याओं के निदान का भरोसा दिलाया। किसानों ने अपनी समस्याओं संयुक्त एक ज्ञापन एसडीएम को चेतावनी दी कि यदि जल्दी उनके समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।
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प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित करते हुए गन्ना एक्शन कमेटी के प्रधान रामपाल चहल ने कहा कि भादसो शुगर मिल किसानों के गन्ने का भुगतान करने में घोर लापरवाही बरत रहा है, जिस कारण किसानों का 78 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अभी तक शुगर मिल की तरफ बकाया है, लेकिन शुगर मिल प्रबंधन किसानों को भुगतान देने में टालमटोल कर रहा है, जिस कारण किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के गन्ने के भुगतान के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है, जिस कारण किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बंद कर किसानों के बैंक का अकाउंट में सीधा भुगतान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भादसो मील में क्षेत्र से बाहर के किसानों का गन्ना लिया जा रहा है, बाहर के किसानों को गन्ना बंद होना चाहिए। उन्होंने शुगर मिल में किसानों के लिए बनाई गई कैंटीन की व्यवस्था पर सवाल उठाए किसानों के प्रदर्शन को देखते भादसो शुगर मिल प्रबंधन मंडल के अधिकारी किसानों को मनाने में लगे रहे, लेकिन किसान प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बिना नहीं माने। एसडीएम प्रदीप कौशिक द्वारा मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं का समाधान का आश्वासन देने के बाद ही किसान शांत हुए। इस अवसर पर सतीश कलसौरा, तेजपाल मेहर सिंह, रामकुमार कर्म सिंह ऋषिपाल मुकेश कुमार भीम मढ़ान सहित कई किसान मौजूद थे।
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