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लीड प्रस्तावित- इलाज कराने आए मरीज को डॉक्टरों ने पीटा, कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ भी मारपीट कर तोड़े कैमरे

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इलाज कराने आए मरीज को डॉक्टरों ने पीटा, कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों के साथ भी मारपीट कर तोड़े कैमरे
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में पेट दर्द का इलाज कराने आए एक मरीज को डॉक्टरों ने आपसी कहासुनी के बाद पीट दिया, जिसके बाद कॉलेज में जमकर हंगामा हुआ। घटना की जानकारी मिलने के बाद कवरेज करने पहुंचे तीन पत्रकारों के साथ भी करीब आधा दर्जन डॉक्टरों ने मारपीट की और उनके कैमरे व मोबाइल तोड़ दिए। इसके अलावा घटना को अपने मोबाइल में कैद कर रहे दो अन्य मरीजों के साथ भी डॉक्टरों ने मारपीट कर उनके फोन को जब्त कर लिया। इसमें से एक व्यक्ति ने डॉक्टरों पर अपनी बहन के साथ मारपीट और बदतमीजी करने का आरोप लगाकर पुलिस को लिखित शिकायत भी दी है। इस घटना के बाद जहां मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉक्टरों के कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं मरीजों में भारी रोष है। घटना के बाद जहां पुलिस मामले की जांच में जुटी है, वहीं कॉलेज प्रबंधन ने भी जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस मामले की जांच को लेकर सीसीटीवी फुटेज खंगालती रही, कुछ लोगों ने सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ का अंदेशा भी जताया। हालांकि देर शाम तक मारपीट करने वाले किसी भी डॉक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं मेडिकल प्रबंधन भी डॉक्टरों का बचाव करने में जुटी रही। मरीजों के नजर में भगवान का दर्ज प्राप्त मेडिकल कॉलेज के इन डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ मारपीट का यह कोई पहला मामला नहीं है। जबसे यह मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ है कई बार डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ मारपीट की घटना सामने आ चुकी है। दो दिन पहले अमर उजाला ने डॉक्टर द्वारा मरीज को धक्के मारने के समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके अलावा कुछ डॉक्टर भ्रष्टाचार के आरोप में भी फंस चुके हैं, लेकिन किसी भी मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण ही आए दिन मेडिकल कॉलेज में इलाज करने के लिए पहुंचने वाले मरीजों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं।
शुक्रवार सुबह भी पथरी की बीमारी से पीड़ित कर्म सिंह वासी शामगढ़ दर्द से कराहते हुए इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में पहुंचा था। जहां डॉक्टरों द्वारा इलाज न करने पर पीड़ित मरीज और डॉक्टर में आपसी कहासुनी हो गई। इसी कहासुनी को लेकर आरोपी डॉक्टर ने अन्य डॉक्टरों के साथ मिलकर ट्रामा सेंटर में पीड़ित कर्म सिंह को बुरी तरह से पीटा। जब इसकी सूचना मीडिया को लगी तो कई समाचार पत्रों के पत्रकार कवरेज के लिए ट्रामा सेंटर पहुंचे। इसी दौरान पत्रकार बाहर से कवरेज कर रहे थे तो आरोपी डॉक्टर निशांत ने खुद के गुनाह पर पर्दा डालने के लिए पहले एक पत्रकार को बुरी तरह से पीटा और कैमरा छीनकर जमीन में मारकर तोड़ दिया। वहीं मौजूद दूसरे पत्रकार का मोबाइल भी आरोपी डॉक्टर और उसके साथियों ने छीनकर तोड़ दिया।
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जानकारी मिलते ही सारे पत्रकार मौके पर पहुंचे और आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। मामले की सूचना मिलते ही तहसीलदार श्यामलाल, डीएसपी शकुंतला यादव, सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल पुलिस बल सहित अस्पताल पहुंचे। देर शाम तक पत्रकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन बैठक करते रहे, लेकिन देर शाम तक मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। पीड़ित पत्रकारों ने डॉक्टरों के खिलाफ लूटपाट, मारपीट और नुकसान पहुंचाने की शिकायत डीएसपी को दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मरीज से मिलने आए परिजन को भी धुना, मोबाइल और नकदी छीनी ट्रामा सेंटर में दाखिल अपनी बहन से मिलने के लिए आए नौशाद वासी सय्यद छपरा ने बताया कि डॉक्टरों ने पत्रकारों के कैमरे तोड़े तो वह इस दौरान बाहर बैठा था। उसके हाथ में उसका मोबाइल था। इसी दौरान गुस्से में बाहर आए डॉक्टरों ने पहले उसका मोबाइल फोन छीन लिया और तोड़ दिया। इसके बाद उसे पकड़कर अंदर ले गए और उसकी जमकर पिटाई की। जब उसकी बहन गुलिस्ता उसे छुड़ाने के लिए गई तो डॉक्टरों ने उसकी भी पिटाई की और उसके साथ बदतमीजी की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब डॉक्टरों ने उसकी पिटाई की तो उस दौरान उसकी जेब में 2 हजार रुपये नकदी थी। जोकि पिटाई के दौरान आरोपियों ने निकाल ली। पीड़ित ने डॉक्टरों के खिलाफ इसकी शिकायत सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल को दी है।
ट्रामा सेंटर का गेट 2 घंटे तक रहा बंद, मरीज रहे परेशान
डॉक्टरों द्वारा मरीज की पिटाई के बाद डॉक्टरों ने आनन फानन में धक्का मारकर ट्रामा सेंटर के गेट का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद सभी गार्डो को एक ही गेट पर खड़ा कर गेट को बंद कर दिया गया। गेट बंद होने से अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को अंदर नहीं जाने दिया। परेशान होकर डॉक्टरों को कोसते हुए मरीज वापिस लौटते रहे। करीब दो घंटे तक गार्डों ने गेट को बंद रखा, किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया।
लीपापोती में लगा लगा मेडिकल कॉलेज प्रशासन
इस मामले को लेकर कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के महासचिव अशोक सुखीजा और नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग और डीएसपी शकुंतला ने मेडिकल कॉलेज के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पीयूष के साथ बैठक की। बैठक में डॉ. पीयूष भी पत्रकारों पर भड़क उठे। वहां से भी पत्रकार परेशान होकर मेडिकल कॉलेज से बाहर निकल गए। इसी दौरान कुरक्षेत्र विकास बोर्ड के महासचिव अशोक सुखीजा ने डॉ. पीयूष को लताड़ लगाई। इसके बाद सभी ने डायरेक्टर सरेंद्र कश्यप के साथ बैठक की। बैठक में डायरेक्टर ने यह तो माना कि मरीजों और पत्रकारों के साथ मारपीट हुई है और केमरे भी तोड़े हैं, जिसकी क्षति पूर्ति के साथ जांच की बात भी कही। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि पहले मरीज ने डॉक्टर को थप्पड मारा, इस आधार पर वह कोई भी कार्रवाई से बचते नजर आए।
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मेडिकल कॉलेज में पत्रकारों के साथ मारपीट हुई और कैमरे तोड़े गए, यह काफी दुखद घटना है। इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। इसमें जो भी डॉक्टर दोषी होगा, उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा। वहीं दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. सुरेंद्र कश्यप, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज, करनाल
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