स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू कराने को अब दिल्ली कूच करेंगे किसान
-15 को दिल्ली पहुंचेंगे प्रदेश के हजारों किसान-जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने किया किसान आंदोलन का समर्थन फोटो संख्या-30
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। भारतीय किसान यूनियन द्वारा सम्पूर्ण कर्ज मुक्ति तथा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग को लेकर दिया जा रहा प्रदेश व्यापी धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में किसानों के निर्णायक आंदोलन के बाद हरियाणा में भी किसानों के धरने में विभिन्न जिलों में हजारों किसानों ने भाग लिया। दिल्ली के जंतर मंतर पर दिए जाने वाले धरने को देखते हुए एक दिन पहले धरना आंदोलन संपन्न हो गया। राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए निर्णय के अनुसार हजारों किसान 15 जून को दिल्ली के लिए रेलगाड़ियों तथा बसों के साथ अपने वाहनों से कूच करेंगे। धरनास्थल पर किसान विरोधी नीतियों के लिए किसानों ने सरकार को जमकर कोसा और नारेबाजी की।
आज दिनभर नारेबाजी का सिलसिला जारी रहा। धरनास्थल पर किसानों का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद्र शाहपुर ने किया। किसानों की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष बाबू राम बड़थल तथा नीसिंग खंड के प्रधान यशपाल राणा ने की। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर ने कहा कि किसानों को अपनी आर्थिक आजादी के लिए संघर्ष करना चाहिए। आजादी के 70 साल बाद भी किसानों को कर्ज से आजादी नहीं मिली है। इस दौरान सभी की दशा में सुधार हुआ, लेकिन किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इस अवसर पर युवा किसान नेता राजेंद्र आर्य दादूपुर ने कहा कि दिल्ली के जंतरमंतर पर होने वाले धरना आंदोलन में प्रदेश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। युवा भारी संख्या में दिल्ली की तरफ कूंच करेंगे। किसान नेता यशपाल राणा ने कहा कि किसान आज भी दुखी है। उसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार को नीतियां बनानी चाहिए। देशभर के किसान, किसानों की बदहाली पर चिंतन करने के लिए 16 जून से हरिद्वार में इकट्ठा होंगे। तीन दिन तक सभी किसान नीतियों को लेकर चिंतन करेंगे। इसमें राष्ट्र व्यापी आन्दोलन की रणनीति तय की जाएगी। वहीं, पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के किसानो की बदहाली को उठाने के लिए दस्तावेज तैयार किए जाऐंगे। इस अवसर पर विनोद राणा, जोगेंद्र सिंह झिंडा, बाबू राम डावरथला, सतीश कलसौरा, मेहताब सिंह कादियान, सुरेंद्र सांगवान, नेकी राम, कुलदीप सिंह संधू, मुल्क सिंह, फतेह सिंह झिंडा, सतबीर मढ़ान, जयपाल शर्मा, सुभाष मान, राजेन्द्र कारी समेत अन्य किसान नेता मौजूद रहे।