करनाल शहर की सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने और ड्रेनेज सिस्टम में सुधार के लिए सरकार की ओर से 302 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिल गई है। निगम ने शहर की सीवरेज व्यवस्था व बरसाती पानी की निकासी को लेकर हार्वेस्टिंग सिस्टम व ड्रेनेज को लेकर प्लॉनिंग शुरू कर दी है। यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो सीवरेज व्यवस्था पर इस बजट के खर्च होने के बाद पूरे शहर में पानी की निकासी को लेकर कोई परेशानी नहीं रहेगी। इसके अलावा बरसाती सीजन में सड़कों से नालों में बहने वाले लाखों लीटर स्वच्छ पानी की भी बरबादी नहीं होगी। इससे शहर में कीचड़ व जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी तथा आसमान से आने वाला करोड़ों लीटर स्वच्छ पानी नालों में नहीं बहेगा। बरसाती नालों के निर्माण से शहर के भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी।
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे शहर का सर्वे कर 222 करोड़ रुपये का सीवरेज लाइन व 80 करोड़ रुपये बरसाती पानी के नालों का प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा गया था। जिसे सरकार ने अपनी स्वीकृति दे दी है। इस बजट की स्वीकृति के बाद बरसों से पानी निकासी की व्यवस्था न होने से परेशान लाखों लोगों को अच्छे दिन आने की उम्मीद जगी है। वहीं निगम प्रशासन ने भी बजट का सही दिशा में प्रयोग करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। बरसात का सीजन समाप्त होने पर शहर में इन प्रपोजल पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
सभी कॉलोनियों में बिछाई जाएगी सीवरेज लाइन
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर की वैध कॉलोनियों में पानी की निकासी के लिए सीवरेज लाइन डालने का प्रपोजल तैयार किया है। इस प्रपोजल में शहर की 27 वैध कॉलोनियां, बाजार व कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। विभाग के 302 करोड़ रुपये के इस प्रपोजल को अब सरकार से भी अनुमति मिल गई है। विभाग द्वारा सभी कॉलोनियों में सीवरेज लाइन बिछाने का खाका भी तैयार कर लिया गया है, अब इंतजार है तो सिर्फ सरकार से बजट मिलने का। विभाग के प्रपोजल को स्वीकृति मिलने के सुखद समाचार से शहर के करीब 50 परिवारों को उनकी बरसों पुरानी समस्या के समाधान होने की उम्मीद जगी है।
सड़कों किनारे व पार्कों में स्थापित किए जाएंगे हार्वेस्टिंग सिस्टम
बरसाती पानी के संरक्षण के लिए सड़कों किनारे नालों का निर्माण व पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, जो बरसाती पानी को सीधे जमीन में धकेलेंगे। इससे जहां सड़कों पर होने वाले जलभराव से निजात मिलेगी। वहीं करोड़ों लीटर बरसाती पानी के संरक्षण से शहर के भूजल स्तर में भी इजाफा होगा। पार्कों से बरसाती पानी की निकासी होने पर शहर की सुंदरता को बढ़ावा मिलेगा।
जलभराव के चलते तबाह हो रही करोड़ों की सड़कें
शहर में मौजूदा समय में अधिकतर कॉलोनियों में बरसाती पानी के नालों की व्यवस्था नहीं है। इससे बरसात होने पर सारा पानी सड़कों पर ही जमा हो रहा है। इससे निगम द्वारा बनाई गई करोड़ों रुपये की सड़कें तबाह हो रही हैं। निगम द्वारा बरसाती पानी की निकासी व सीवरेज व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को 302 करोड़ रुपये का प्रपोजल भेजा था, जिसे सरकार की स्वीकृति मिल गई है। यदि बजट का सही दिशा में प्रयोग हुआ तो इस समस्या से निजात मिलने की पूरी उम्मीद है।
वर्जन
शहर की कई कॉलोनियों मे सीवरेज व्यवस्था नहीं है तथा कई कॉलोनियों में बरसाती पानी के नाले भी नहीं है। इससे बरसात के सीजन में लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। निगम द्वारा शहर का सर्वे कराने के बाद सीवेज और बरसाती पानी के नालों का निर्माण करने के लिए 302 करोड़ का प्रपोजल सरकार को भेजा था, जिसे सरकार की अनुमति मिल गई है। सरकार से बजट अलॉट होते ही इस दिशा में काम किया जाएगा।
- सुमेधा कटारिया, नगर निगम आयुक्त करनाल