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30 बसें बनेंगी चलता-फिरता अस्पताल

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लॉकडाउन के चलते बीमार मरीजों को अस्पताल आने में दिक्कत न हो इसलिए जिला प्रशासन ने मोबाइल क्लीनिक योजना शुरू की है। इसके तहत रोडवेज की 30 बसों को चलता-फिरता अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें एक डाक्टर, फार्मासिस्ट और सहायक स्टाफ मौजूद रहेगा। चेकअप के बाद मरीजों को दवाइयां भी दी जाएंगी। मंगलवार से इसका रूट प्लान तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद हर गांव में यह बस पहुंचाने की योजना है। पीएचसी व सीएचसी के हिसाब से रूट प्लान तैयार किए जा रहे हैं।
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बता दें कि इस समय सभी मेडिकल कालेज खुले हैं लेकिन ओपीडी बंद हैं। हालांकि आईएमए की मदद से प्राइवेट डाक्टर फोन पर सलाह दे रहे हैं लेकिन ग्रामीणों को दवा लाने में परेशानी हो रही है, क्योंकि पुलिस रास्तों में उन्हें रोक देती है। ऐसे में जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि रोडवेज की 30 बसों को क्लीनिक बनाया जाएगा। इसमें यह भी ख्याल रखा जाएगा कि लोग सोशल डिस्टेंस को मेनटेन करते हुए आएं और भीड़ न एकत्र करें। डीसी निशांत यादव ने बताया कि पीएचसी, सीएचसी के हिसाब से शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि ये बसें हर गांव में जाएं और जरूरतमंद को दवा मिल सके।
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