हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में इस बार पढ़ी-लिखी ग्राम पंचायत चुने जाने का एक नया इतिहास रचा जाएगा। इंद्री में 10 जनवरी को होने वाले पंचायत चुनाव में सभी 85 ग्राम पंचायत पढ़ी-लिखी चुनी जाएगी, इनमें से 29 महिलाओं को गांव की चौधर संभालने का मौका मिलेगा तथा 17 अनुसूचित जाति के व्यक्ति भी सरपंच बनेंगे। प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न करवाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली है।
177 पोलिंग बूथों पर करीब 1 लाख 4 हजार 273 महिला व पुरुष मतदाता अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करेंगे। इंद्री के एसडीएम एवं चुनाव अधिकारी अश्वनी मलिक के अनुसार इंद्री खंड में 85 ग्राम पंचायतों का चुनाव होना है। इनमें से इन्द्रगढ़ की पंचायत सर्वसम्मति से चुनी जा चुकी है, शेष पंचायतों का चुनाव 10 जनवरी को होगा। करीब एक लाख महिला व पुरुष मतदाताओं की सुविधा के लिए 177 पोलिंग बूथ की स्थापना की गई है ताकि मतदाताओं को मतदान के दिन किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पडें।
इन्द्री खंड में 49 संवेदनशील व 46 अति संवेदनशील मतदान केन्द्र बनाए गए है। इन केन्दों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। उन्होंने बताया कि ब्लाक समिति के 29 सदस्य चुने जाने है, इनमें से वार्ड नंबर 22 से कुसम रानी सर्वसम्मति से चुनी गई है, शेष 28 सदस्यों का चुनाव होना है। ब्लाक समिति में 10 महिलाएं तथा अनुसूचित जाति के 7 सदस्य चुने जाएंगे।
30 दिन के अंदर देना खर्च का ब्यौरा
एसडीएम ने बताया कि पंचायत राज संस्थाओं के चुनावों में सरपंचों, पंचों, पंचायत समिति व जिला परिषद के सदस्यों द्वारा चुनाव खर्च का पूरा ब्यौरा रखना होगा, जिसे चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिन के अंदर-अंदर देना होगा। ऐसा करने में असफल रहने वाले उम्मीदवारों को हरियाणा पंचायती राज चुनाव खर्च आदेश 1996 के तहत तीन वर्ष के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
इंद्री के एसडीएम एवं चुनाव अधिकारी अश्वनी मलिक ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग की हिदायतों के अनुसार ग्राम पंचायत के पंच के लिए 5 हजार रुपये चुनाव खर्च सीमा को बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया है। इसी प्रकार 15 वार्ड तक ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिए चुनाव खर्च सीमा को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये तथा 15 वार्ड से अधिक वाले ग्राम पंचायत के सरपंच पद की चुनाव खर्च सीमा को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है।
उन्होंने बताया कि पंचायत समिति के सदस्य के लिए चुनाव खर्च सीमा को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये तथा जिला परिषद के सदस्य के लिए चुनाव खर्च सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया गया है।