करनाल जिले के जुंडला में गेहूं सीजन की पहली गड़बड़ी रविवार को पकड़ी गई। जुंडला में लगे हरियाणा एग्रो के गोदाम से करीब 250 कट्टे कम मिले हैं। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं और अन्य खरीद एजेंसियों के पसीने छूटने लगे हैं। हरियाणा एग्रो के इंस्पेक्टर धीरज भी 250 कट्टे कम होने का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और भाजपा निगरानी कमेटी ने पूरी रिपोर्ट बनाकर साथ ले गए हैं।
असंध विधानसभा की निगरानी कमेटी ने जुंडला में दो गोदामों पर छापेमारी की। गेहूं का स्टॉक चेक किया। जांच के दौरान हरियाणा एग्रो के गोदाम 250 कट्टे कम मिले। निगरानी कमेटी के चेयरमैन सतबीर जाणी ने जब इस बारे में इंस्पेक्टर धीरज से पूछा तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। टीम ने 2 दो लाख 57 हजार 291 कट्टाें का पूरा रिकॉर्ड खंगाला, लेकिन मेडअप गेहूं के बताये करीब 250 कट्टे गोदाम में नहीं थे। इससे कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। दरअसल ट्रक को लोड और खाली करते समय कुछ गेहूं कट्टों से निकल जाती है। एक ट्रक में करीब एक कट्टा ऐसी गेहूं होती है। इसलिए गेहूं में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है।
खरीद एजेंसियों के कर्मचारियों ने बताया कि इन गोदामों में कट्टे 500 के करीब कम हैं। फिलहाल सही जांच नहीं हुई है। इस तरह की लापरवाही की प्रशासनिक अधिकारियाें के पास भी सूचना पहुंच चुकी थी। लेकिन कार्रवाई में देरी होने के कारण निगरानी कमेटी ने छापा मार दिया। गड़बड़ को छिपाने के लिए पहले तो इंस्पेक्टर धीरज आनाकानी करते रहे। बाद में रिकॉर्ड मिलान करवाया तो गड़बड़ पकड़ी गई। इस मामले में इंस्पेक्टर धीरज का कहना है कि गोदाम में गेहूं कम मिला है। जांच के लिए हम तैयार हैं।