शहर में करीब 25 हजार से अधिक व्यावसायिक यूनिट हैं लेकिन सिर्फ 219 ने ही ट्रेड लाइसेंस लिया है। निगमायुक्त डा. मनोज कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यापारियों, दुकानदारों से कहा है कि वह शीघ्र ट्रेड लाइसेंस ले लें। अन्यथा चेकिंग के दौरान उनके खिलाफ हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1994 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
निगमायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने सोमवार को बताया कि नगर निगम क्षेत्र में करनाल शहर में लगभग 25 हजार व्यवसायिक दुकानें हैं। जिन्हें ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है लेकिन अब तक सिर्फ 219 ने ही ट्रेड लाइसेंस लिया है। जबकि ट्रेड लाइसेंस बनवाना काफी आसान भी है। ट्रेड लाइसेंस हर साल लेना अनिवार्य होता है। हजारों व्यापारी बिना लाइसेंस व्यवसाय कर रहे हैं। नगर निगम एक निकाय होने के नाते विभिन्न स्रोतों से होने वाली आय से निगम के खर्चे और विकास कार्यों के लिए धन राशि एकत्र करता है। ऐसे में जो लोग सरकार की ओर देय राशि को निगम के खजाने में फीस या टैक्स के रूप में समय पर जमा नहीं करवाते, उनके खिलाफ सख्ती आवश्यक हो जाता है।
ये दस्तावेज चाहिए
ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए पेन कार्ड, आधार नंबर, लाइसेंस रसीद, प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन की प्रति, मोबाइल फोन नंबर व ई-मेल आईडी आदि चाहिए जिसे फाइल में लगाकर निगम के रेंट सहायक को देना होता है। रेंट असिस्टेंट फाइल में लगे सभी दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद निर्धारित फीस लेकर ईओ के पास भेजता है। इसके बाद एक सप्ताह में ट्रेड लाइसेंस जारी हो जाता है। निगमायुक्त ने सभी कॉमर्शियल यूनिट्स संचालित करने वालों से कहा है कि वह कामर्शियल यूनिट्स के लिए ट्रेड लाइसेंस बनवा लें। अन्यथा निगम ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।