संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कनाडा की जगह फर्जी दस्तावेजों पर जर्मनी भेजकर करनाल के नगला चौक कॉलोनी निवासी गुरविंदर सिंह से 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। यह आरोप विर्क ओवरसीज के संचालक गुरमीत सिंह पर लगे हैं। पीड़ित ने बताया कि उनके बेटे को पहले तो कनाडा भेजने की बात कही थी। बाद में जर्मनी भेज दिया था। जैसे ही बेटा एयरपोर्ट पर पहुंचा तो फर्जी दस्तावेज के कारण डिपोर्ट कर दिया था। बाद में अपने ही खर्च पर बेटे को वापस भारत बुलाया। नग्गल थाना पुलिस ने गुरविंद्र सिंह की तहरीर पर आरोपी गुरमीत सिंह पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
दंपती संग बेटे को कनाडा का वर्क वीजा दिलवाने का दिया था झांसा
करनाल के नगला चौक कॉलोनी निवासी गुरविंदर सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करते हैं। सितंबर 2024 में वह अंबाला के रसूलपुर स्थित आरोपी के ऑफिस विर्क ओवरसीज पहुंचे थे। आरोपी गुरमीत सिंह ने खुद को विदेश भेजने का एक्सपर्ट बताकर उन्हें झांसे में लिया। पहले तो बेटे अर्पणदीप, पत्नी व उसे कनाडा वर्क परमिट पर भेजने का वादा कर 35 लाख रुपये मांगे थे। जब कनाडा का वीजा नहीं आया तो आरोपी ने उन्हें जर्मनी भेजने का झांसा दिया।
बेटे को पहले भेजा था अकेला
पीड़ित ने बताया कि देहरादून के एक संस्थान में ट्रेनिंग के नाम पर कुल 25 लाख ले लिए। मई 2025 में आरोपी ने नीदरलैंड का वीजा थमाया और कहा कि वहां से जर्मनी का वर्क परमिट आसानी से मिल जाएगा। बेटे को जर्मनी भेजा तो फर्जी दस्तावेज होने पर डिपोर्ट कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि जमीन बेचकर व लोगों से उधार लेकर रुपये दिए थे। पंचायतें होने के बाद भी आरोपी पैसे देने की जगह धमका रहा। आरोप लगाया कि पहले भी आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज है।