फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वाइन फ्लू पसारने लगा है पांव, एक व्यक्ति की मौत के बाद स्वाइन फ्लू के तीन संदिग्ध मरीज आए सामने

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। सिटी में स्वाइन फ्लू पांव पसारने लगा है। इस कारण स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। स्वाइन फ्लू से एक व्यक्ति की मौत के बाद तीन और संदिग्ध मरीज सामने आ गए हैं, जिनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं।
इन मरीजों में दो महिलाएं और एक 12 वर्ष का बच्चा भी शामिल है। इन तीनों मरीजों को इलाज कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के आईसोलेशन वार्ड में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इन तीनों मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में भेज दिए हैं, जिनकी रिपोर्ट 48 घंटे में आएगी।
विज्ञापन

बता दें स्वाइन फ्लू के कारण कटाबाग निवासी धर्म सिंह की मौत हो चुकी है। इस कारण शहर में स्वाइन फ्लू का डर फैलता जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि उनकी टीमें घर-घर जाकर लोगों को स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

बुजुर्गों के बाद अब बच्चों में भी मिल रहे हैैं स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू के अभी तक छह मरीजों में लक्षण पाए गए हैं, इनमें चार मरीज बुजुर्ग हैं, लेकिन अब स्वाइन फ्लू के लक्षण बच्चे में भी मिल रहा है। सबसे पहले घरौंडा की संतोष में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले थे, जिसकी उम्र 60 वर्ष के करीब है, इस महिला की रिपोर्ट नेगेटिव मिली, इसके बाद दो और मरीज दयानंद कॉलोनी निवासी 72 वर्षीय सोना देवी और कटाबाग निवासी 55 वर्षीय धर्म सिंह में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। इनमें से धर्म सिंह की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली और सोना देवी की नेगेटिव आई। इसमें धर्म सिंह की मौत हो चुकी है। अब 70 वर्षीय रूकमणी गांव रसुलपुर कलां, डबरकी निवासी 12 वर्षीय सचिन व 46 वर्षीय सेक्टर-7 निवासी एक महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं, जिनके सैंपल दिल्ली भेजे गए हैं।
विज्ञापन


ये है लक्षण
- बुखार के साथ बहती नाक।
- खांसी और गले में खराश।
- सांस लेने में कठिनाई।
- जोड़ों व सिर में दर्द।
- थकान व सर्दी लगना।
- दस्त और उल्टी लगना।
- थूक के साथ खून आना।

ये बरतें सावधानी
- हाथ मिलाने व गले लगने की बजाए नमस्ते करें।
- खांसते तथा छींकते समय अपने मुंह व नाक को रुमाल से ढकें।
- अपने हाथ-पांव को साबुन से धोएं।
- भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें और संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में ना आएं।
- अच्छी नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रीय रहें।
- पानी का अधिक सेवन करें और पौष्टिक आहार लें।
- चिंता व तनाव से दूर रहें।

ये लोग होते हैं अधिक प्रभावित वर्ग
- लंबी बीमारी से ग्रस्त लोग।
- 5 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति
- गर्भवती महिलाएं।


स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे हुए हैं और इन मरीजों को इलाज चल रहा है। स्कूलों में भी पत्र जारी कर दिया है।-डॉ. राजेंद्र कुमार, डिप्टी सीएमओ, करनाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें