अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विजयादशमी के दिन हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम भ्रष्टाचार, कन्या भ्रूण हत्या व गंदगी जैसे कलंक को दूर करेंगे, समाज में फैल रही अन्य बुराइयों का दहन करना होगा, ताकि हमारा देश व प्रदेश आगे बढ़े और जीवन सदाचारी बनें। मुख्यमंत्री शुक्रवार देर सायं सेक्टर-4 के दशहरा ग्राउंड में आयोजित विजयादशमी महोत्सव में रावण दहन करने से पूर्व उपस्थित भारी जन समूह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले, श्री रामलीला सभा की ओर से मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने पुलिस की खुली जीप में सवार होकर ग्राउंड में उपस्थित जन समूह का अभिवादन किया तथा झांकियों का अवलोकन करते हुए दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने स्टेज से ही रिमोट से रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया। इसके साथ ही देखते-देखते सभी पुतले धू-धू कर जल उठे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्री राम लीला सभा रजि. की ओर से तैयार की गई श्रीराम दर्शन व आरती संग्रह पुस्तिका का विमोचन किया और अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये की राशि सभा को देने की घोषणा की। उन्होंने करतल ध्वनि के बीच घोषणा की कि दशहरा मेले के लिए अब सेक्टर-4 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से पांच एकड़ भूमि स्थायी रूप से प्रदान की गई है, परन्तु इसका स्वामित्व प्राधिकरण के पास ही रहेगा। आज से इस जगह का नाम दशहरा ग्राउंड के के नाम से जाना जाएगा। रावण दहन के अवसर पर दशहरा ग्राउंड में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित थी। ओएसडी अमरेन्द्र सिंह, चंद्र प्रकाश कथूरिया, भाजपा के जिला अध्यक्ष जगमोहन आनंद, पूर्व मेयर रेनू बाला गुप्ता, भाजपा नेता योगेंद्र राणा, राजबीर शर्मा, प्रवीन लाठर, अशोक सुखीजा, नरेन्द्र पंडित,पूर्व मंत्री शशीपाल मेहता,शमशेर नैन, कविन्द्र राणा,जयपाल शर्मा तथा जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त डा. आदित्य दहिया, एसपी सुरेन्द्र भोरिया,श्री रामलीला सभा के प्रधान अजय गुप्ता व अन्य पदाधिकारी अजय जैन, गौरव गर्ग, नरेश जायसवाल, देवेन्द्र अग्रवाल, अनिरूद्ध दीवान, डा. राजीव गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अहंकार को छोड़ें और राम के आदर्शों को ग्रहण करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के सिद्धांतों को जीवन में धारण करके एक अच्छे समाज की रचना करनी है, वहीं अहंकार रूपी रावण की बुराइयों व समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करके एक अच्छे मानव चरित्र का निर्माण करना हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर्व असत्य पर सत्य की, बुराई पर अच्छाई की जीत है, यह दिवस हमें कुछ नया सिखाता है। हमें एक अच्छे समाज व मानव के निर्माण के लिए राम की मर्यादाओं को अपने जीवन में धारण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के जीवन से कुछ करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि भगवान रामचंद्र ने पुत्र, भाई, पति, पिता, शासनकर्ता राजा के रूप में अपनी मर्यादा को कायम रखा।