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किसानों को मनाने में दो चेयरमैन हुए नाकाम, अब सीएम से होगा आमना-सामना

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। नये शुगर मिल के निर्माण और गन्ना बकाया राशि लेने को लेकर किसानों का आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 17 दिन से किसान शुगर मिल के सामने ही धरने पर बैठे हैं और रोजाना गिरफ्तारी दे रहे हैं। शुगरफेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया और घरौंडा विधायक और हैफेड के चेयरमैन भी किसानों को धरने से उठाने को लेकर मनाने में नाकाम रहे हैं। अब किसानों ने 13 अगस्त को करनाल आ रहे सीएम मनोहर लाल से सीधी बात करने की बात कहकर प्रशासन की धड़कने बढ़ा दी हैं। किसानों ने चेताया है कि वे धरना स्थल से किसान काफिले के रूप में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। प्रशासन कोशिश कर रहा है कि सीएम के आने से पहले धरना खत्म हो जाए, लेकिन किसान किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में 13 अगस्त को टकराव के हालात बन रहे हैं।
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने बताया कि किसान पूरी तरह से सरकार से नाराज है। पिछले 17 दिनों से जिस तरह से किसानों की अनदेखी हो रही है। उससे सरकार के प्रति किसानों का विश्वास कमजोर हो रहा है। अब उनकी आशाएं मुख्यमंत्री और करनाल के विधायक मनोहर लाल की तरफ टिकी हुई है। क्योंकि जन-प्रतिनिधि होने के नाते किसानों का पूरा अधिकार मुख्यमंत्री पर है। इससे पहले, आज धरने के 17वें दिन जींद और करनाल के किसानों ने गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी जत्थे का नेतृत्व जींद के किसान नेता एवं जिला प्रधान छज्जू राम कंडेला ने किया। इस जत्थे में बारू राम, लहयार सिंह, लख्मी चंद, राम राठी, जयवीर सिंह, रामचंद्र, सुखबीर सिंह, विजेंद्र सिंह, राजकुमार, मियां सिंह, राजेंद्र सिंह, राम कश्यप, कर्ण कालिया, संजीव शर्मा, भाकियू के जिला सरंक्षण मैहताब सिंह, सुरेंद्र सांगवान, पाल सिंह, सतपाल सिंह, जयभगवान, सुनील कुमार, दिलबाग सिंह, कृष्णा सिंह शामिल थे। धरना स्थल पर धरने का नेतृत्व सतबीर गढ़ीबीरबल तथा जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने किया। इस अवसर पर भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान, सुरेन्द्र घुम्मन, श्याम सिंह मान, सतीश कलसौरा, दुलीचंद, इंद्रपाल, अभय राम, रामपाल कलसौरा, तेजपाल, वेदपाल, रामकुमार, प्रवीन, ईनाम, विशाल, कलैक्टर राम, गुरनाम, प्रकाश, संजीव कुमार, छज्जूराम, राजकुमार, सोमनाथ, अशोक कुमार, ओमप्रकाश व राजसिंह मौजूद थे। किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू नेता रतनमान ने कहा कि वह सरकार को झुकाकर दम लेंगे। किसानों की लड़ाई अंतिम दौर तक जारी रहेगी। डी.सी और भाजपा नेता आंख मूंदकर तमाशा देख रहे है। प्रशासन और भाजपा के लिए यह लड़ाई महंगी साबित होगी। डीसी शुगर मिल का चेयरमैन होता है। इसके बाद भी डी.सी इस मामले में मौन साधे हुए है। कल करनाल के किसान गिरफ्तारी देंगे।
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इन मांगों को लेकर किसान कर रहे है आंदोलन
भाकियू के किसान 17 दिनों से गन्ना उत्पादकों की प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है। पानीपत और करनाल में जर्जर पड़ी शुगर मिल का नवीनीकरण, प्रदेश में चीनी मिलों पर किसानों का 400 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान करने, 15 प्रतिशत ब्याज देने, शुगर मिल के पेट्रोल पंप से किसानों को उधार डीजल देने, शुगर मिल ने जो गन्ना बाहर की मिलों को भिजवाया, उनका भुगतान तुरंत कर दें। दुर्व्यवहार के आरोपी केन मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई करने तथा किसानों को शुगर मिल से चीनी, कर्मचारियों की तर्ज पर कंट्रोल रेट पर देने की प्रमुख मांगे शामिल है। इन मांगों को लेकर किसान लंबे अंतराल से आंदोलन कर रहे है।
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