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हथियारबंद युवकों की गुंडागर्दी, जबरदस्ती बाजार बंद कराने परतनाव, तोड़फोड़, मारपीट

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हथियारबंद युवकों की गुंडागर्दी, जबरदस्ती बाजार बंद कराने पर तनाव, तोड़फोड़, मारपीट
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अमर उजाला ब्यूरो
असंध। हाथों में लाठी डंडे और गंडासियां लेकर बाजार बंद कराने आए एक विशेष समुदाय के युवकों ने बाजारों में जमकर उत्पात मचाया। इतना ही नहीं युवकों ने दुकान बंद नहीं करने वाले दुकानदारों के साथ मारपीट तक की। वहीं, मामले की कवरेज करने गए तीन पत्रकारों पर लाठी डंडों से हमला बोला गया। युवक यहीं पर नहीं रूके बल्कि अखबार के कार्यालय में भी जमकर तोड़फोड़ की। वहीं, इस पूरे प्रकरण के विरोध में गुस्साए दुकानदार भी सड़क पर उतर आए और जींद चौक और सालवन चौक पर जाम लगा दिया। दुकानदारों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। देर रात आठ बजे दुकानदारों ने डीएसपी के आश्वासन पर जाम खोला। फिलहाल असंध में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पत्रकारों को अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
शुक्रवार को नगर में उस वक्त दहशत फैल गई जब सैकड़ों युवकों का झुंड लाठी-डंडों सहित नगर के मुख्य बाजार में घुसा और जबरन दुकानें बंद करवाने लगा। आरोप है कि कई दुकानदारों को पीटा गया और दुकानों में तोड़फोड़ भी की गई। वहीं भीड़ द्वारा चार पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया और उनके मोबाइल तोड़ दिए, जबकि उन्हें बुरी तरह से मारा-पीटा भी गया। वहीं, इस उपद्रव के दौरान थाना प्रभारी संजीव गौर के भी शांति कायम करते वक्त घायल होने का समाचार है।
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गौरतलब है कि तीन दिन पहले आपस में मामूली कहासुनी को लेकर कुछ लोगों पर एक व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा था। मामला थाने और बाद में सुलह के लिए पंचायत में पहुंचा। शुक्रवार को उक्त व्यक्ति ने धार्मिक स्थल पर जाकर माफी मांगी, परन्तु इसके बावजूद कुछ उपद्रवी युवकों ने मामले को हवा दे दी। आरोप है कि दोपहर को युवकों ने बाजार में घुसकर जबरन दुकानें बंद करवाने की कोशिश की और कई दुकानदारों को पीटा। इसी दौरान युवकों ने अमर उजाला से जुड़े रजत राणा पर और उसके कार्यालय पर भी धावा बोल दिया। इसके अलावा प्रकरण की कवरेज कर रहे तीन अन्य पत्रकारों पर भी लाठियों से हमला बोला गया। इतना ही नहीं विशेष समुदाय के लोगों ने पत्रकारों के कैमरे व फोन भी तोड़ दिए। घायलों में पत्रकार जसबीर राणा, गुलशन मोंगिया व अन्य शामिल हैं। बाद में घायलों को अस्पताल में दाखिल कराया गया। उधर, अचानक हुए इस उपद्रव के खिलाफ दोपहर दो बजे दुकानदार इकट्ठा हो गए और अन्य सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर सालवन चौक और जींद चौक में जाम लगा दिया। साढ़े आठ बजे तक दुकानदार जाम लगाए बैठे रहे। इस दौरान लोगों ने स्थानीय विधायक बख्शीश सिंह के खिलाफ भी नारेबाजी की। डीएसपी दलबीर सिंह के आश्वासन पर लोगों ने रात आठ बजे जाम खोला। उधर, पत्रकारों ने लिखित में शिकायत दी है, डीएसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जल्द ही आरोपियों को काबू किया जाएगा।
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पत्रकारों पर हमले की निंदा
वहीं इस मामले में कवरेज कर रहे पत्रकारों पर जानलेवा हमले की कई राजनीतिक व सामाजिक संस्थाओं के लोगों ने निंदा की है। कांग्रेस की तरफ से प्रदेश महासचिव शमशेर गोगी, राजबीर शर्मा अरड़ाना, मास्टर रिछपाल राणा, इनेलो की तरफ से जिलाध्यक्ष राणा यशवीर कुक्कु, हलका अध्यक्ष धर्मबीर पाढा, फूल सिंह मंजूरा वाम दल की ओर से सतबीर सिंधड़, वरष्ठि पत्रकार हरीश मदान ने कड़ी निंदा की है। राजनीतिक व सामाजिक संस्थाओं ने इस हमले को साजिश करार दिया और असंध में दहशत फैलाने की कोशिश बताया।
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