माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पांच कार्यदिवस सहित अन्य मांगों को मंजूर किए जाने के लिए 12 सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल रखी। जिले में इन बैंकों की 205 शाखाओं पर ताले लटके रहे। करीब 420 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। आमजन के कार्यों के अलावा औद्योगिक ईकाइयों और राजस्व विभाग संबंधित लेन-देन पूरी तरह से ठप रहा। न तो चेक क्लीयर हो पाए और न ही फीस संबंधित चालान संबंधित कार्य हुए।
चार दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को हड़ताल के कारण लगातार पांचवें दिन बैंक बंद रहे। किसी की पेंशन नहीं निकल पाई तो कोई अपने दस्तावेज संबंधित कार्य नहीं करा पाया। हड़ताल के बीच ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होती रही, इससे छोटे व्यापारियों और छोटे लेन-देन करने वालों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई लेकिन सरकारी कामकाज संबंधित परेशानी लोगों को झेलनी पड़ी।
यूएफयू यानी यूनाइटेड फॉरम यूनियन के बैनर तले कुल नौ यूनियन हड़ताल में शामिल हुईं। चार यूनियन बैंक अधिकारियों और पांच यूनियन वर्कमैन की रहीं। जिले के कुल 3958 अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। सेक्टर-12 में यूफयू के बैनर तले धरना देने के बाद बैंककर्मियों ने रोष मार्च भी निकाला। इसमें उन्होंने सरकार के खिलाफ और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान मनजीत और सचिव अनिल ने की।
छह माह में मांग होनी थी लागू
यूनियन बैंक के कर्मचारी मनजीत ने बताया कि 2024 में सरकार व बैंकों की यूनियन के बीच बैठक में पांच दिन बैंकिंग करने का निर्णय लिया गया था जो कि छह महीने बाद लागू होना था लेकिन आज तक वह लागू नहीं किया गया है। ये वादा भी पूरा नहीं हुआ।
रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम
संतोष आर्य ने बताया कि 2024 में पांच दिन बैकिंग का फैसला लिया गया था, लेकिन आज दो साल हो गए है और यह फैसला अभी तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि हम सभी रोजाना 40 मिनट अधिक कार्य करने के लिए तैयार है।
दबाव बढ़ रहा, कर्मी घट रहे
बैंक कर्मचारी संदीप बतरा, अनिल और अंकुश का कहना है कि उनकी पांच कार्यदिवस की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि सरकार इसे पहले ही स्वीकार कर चुकी है। बैंकिंग सेक्टर में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जबकि स्टाफ की संख्या कम होती जा रही है।
बैंकों की हड़ताल के कारण एक दिन का लेनदेन प्रभावित रहा है। ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं जारी रहीं। - एसके हन्दूजा, एलडीएम करनाल