अमर उजाला ब्यूरो
करनाल (घरौंडा)। खरीद शुरू होने के दो दिन बाद भी जिलेभर की मंडियों में गेहूं नहीं पहुुंच पाया है। हालांकि, बता दें कि आज तक भी मंडियों के हालात में सुधार नहीं आया है। सफाई से लेकर किसानों की सुविधाओं तक पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। केवल अधिकारी सुविधाओं के दावे कर रहे हैं। उधर, घरौंडा की नई अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद के बाद सोमवार से गेहूं की खरीद होनी थी, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद मंडी में अभी तक गेहूं की कोई ढेरी नहीं पहुंचीं है। वहीं, इस बार सरकार किसानों की गेहूं की फसल का ब्यौरा भी ऑनलाइन करवा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक 5500 किसानों ने अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है। सरकार ने घरौंडा नई अनाज मंडी को जिला करनाल के लिए सरसों की खरीद का केंद्र बनाया हुआ है। सरसों की खरीद 28 मार्च से शुरू हो चुकी है, जबकि गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू हो गई है। किसानों की फसल अभी तक पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाई है। इससे गेहूं की कटाई का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके कारण अभी तक मंडी में गेहूं का एक दाना नहीं पहुंचा है। व्यापारियों का कहना है कि 10 अप्रैल के बाद मंडी में गेहूं की आने की संभावना है। किसान राममेहर, अशोक कुमार, रवि कुमार आदि ने बताया कि गेहूं की फसल तैयार होने में अभी 8-10 दिन लगेंगे। कई बार बारिश होने के कारण फसल पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि इस बार फसल बंपर खड़ी है। अगर बारिश नहीं हुई तो धरती सोना उगलेगी।
5500 लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
अधिकारियों के अनुसार, इस बार सरकार की ओर से गेहूं की फसल को भी ऑनलाइन करवाया है। क्षेत्र के लगभग 5500 किसानों ने ऑललाइन अपनी फसल का रजिस्टे्रशन करवाया है। किसानों से इस बारे में बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने गेहं की फसल को ऑनलाइन करवाया है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। आखिरकार किस वजह से गेहूं की फसल को ऑनलाइन करवाया गया है?
रजिस्ट्रेशन से उत्तर प्रदेश की गेहूं पर लगेगा ब्रेक
नई अनाज मंडी में उत्तर प्रदेश से गेहूं भारी मात्रा में आता है। जबकि मार्केट कमेटी के अधिकारी उत्तर प्रदेश की गेहूं को रोकने का प्रयास करते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी गेहूं मंडी में पहुंचता है। अनुमान लगाया जा रहा है यूपी के किसानों की गेहूं को मंडियों में आने से रोकने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है।
क्या कहते हैं मार्केट कमेटी के सचिव
उनके पास डीएचओ विभाग से एक पत्र आया था कि इस बार गेहूं की फसल का भी रजिस्ट्रेशन करवाया जाएं। इसके आधार पर गेहूं की फसल का रजिस्ट्रेशन किया गया है। क्षेत्र के लगभग 5500 किसानों ने अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करवाया है। वहीं, एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है, लेकिन मंडी में पहले दिन गेहूं की फसल नही आई है।-चंद्रप्रकाश, सचिव, मार्केट कमेटी, घरौंडा।