अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। करनाल सहकारी शुगर मिल के नवीनीकरण करने का मामला सुलझता दिखाई नहीं दे पा रहा है। इसके चलते भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले चल रहा धरना पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। पांच दिन बाद मंगलवार को धरने पर बैठे किसानों के बीच मिल के एमडी निर्मल नागर अपने कई अधिकारियों के साथ दोपहर करीब 2 बजे पहुंचे। भाकियू नेताओं ने एमडी नागर के समक्ष एक ही बात रखते हुए कहा कि मिल के नवीनीकरण का कार्य किस दिन से शुरू हो रहा है। इसका एमडी नागर द्वारा कोई ठोस जवाब नहीं देने पर किसान उखड़ गए। इस बीच एमडी नागर ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि 2 या 3 दिन में ही इस स्थिति को स्पष्ट कर दिया जाएगा। इसके उपरांत, भाकियू नेताओं ने धरना जारी रखने का ऐलान कर दिया।
पांचवें दिन में प्रवेश कर चुके धरने की अध्यक्षता जिला करनाल के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ किसान नेता बाबूराम बड़थल ने की। आंदोलित किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए किसान आंदोलन को तेज करने के लिए हुंकार भरी। किसान नेता बड़थल ने कहा कि अब आंदोलन आरपार का ही होकर रहेगा। क्योंकि भाकियू के पास कोई किसी प्रकार का रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के आला अधिकारी गर्म कमरों में बैठ कर किसानों की सुध नही ले पा रहे हैं, जबकि किसान रोज कड़ाके की सर्दी में सड़क पर बैठने के लिए मजबूर हैं।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर, जिला महासचिव सतपाल बड़थल, जिला संरक्षक महताब कादियान, जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान, किसान नेता मानसिंह बड़सालू, किसान नेता बाबूराम डाबरथला, पूर्व अध्यक्ष पाल सिंह महमदपुर, प्रेम नसीरपुर, विनोद नबीपुर, जोगिंद्र सागवान, मोतीराम ढ़ाकवाला गुजरान, दिलबाग शामगढ़, ओमप्रकाश शेखुपुरा, कप्तान डबकौली, महेंद्र महमदपुर, इन्द्रपाल मंगलौरा, राजपाल दिलावरा, बजिन्द्र भरतपुर, सोहनलाल लालूपुरा, रामपाल नबीपुर, महाबीर सिंह झंझाड़ी, राजबीर नैन कमालपुर रोडान, गुरदयाल सिंह सईद छपरा, रणबीर कलसौरा, रामकिशन, तेजपाल गुर्जर कैलाश, दिलीप मैहता, मोहनलाल चोरपुरा सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
रुक-रुक कर चल रही है कंडम शुगर मिल, सुबह 5 बजे बंद हो गई मिल
किसानों का कहना है कि कंडम घोषित हो चुकी करनाल की सहकारी शुगर मिल रुक-रुक कर चल रही है। रोज औसतन 3 से 4 घंटे मिल बंद रहती है। अचानक मिल के बंद रहने से किसान परेशान हो रहे हैं। इस हाल में गन्ने की खड़ी फसल को देख कर किसानों को पसीने छूटने लगे हैं। मंगलवार को सुबह करीब 5 बजे अचानक आई खराबी से कंडम मिल बंद हो गई। किसानों का कहना है कि इन हालातों में भी मनोहर सरकार संजीदा नहीं है। किसी भी स्थिति में किसानों को ही नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि कई सालों से सी.एम सीटी में एक अदद शुगर मिल लगाने के लिए किसानों को बहकाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस बारे में श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।