अमर उजाला ब्यूरो
असंध (करनाल)। असंध की नई अनाज मंडी में गंदा पानी पीने से बीमार हुए सैकड़ों मजदूरों के मामले में रविवार को मजदूरों ने सशर्त हड़ताल खोल दी और काम पर लौट आए। हालांकि, बीमार मजदूरों को देखने की फुर्सत न तो मार्केट कमेटी सचिव को मिली और न ही आढ़तियों को।
ऐसे में मजदूरों में अभी भी रोष है, मजदूरों ने चेताया कि है कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे। रविवार को मंडी सचिव ने आढ़तियों के साथ बैठक बुलाकर मजदूरों का शोषण न करने के आदेश तो जारी कर दिए। करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद मजदूरों को उनकी मांगें मान लेने का आश्वासन दिया।
बैठक में मजदूर यूनियन का प्रधान नहीं बुलाया
इस दौरान मजदूरों ने रविवार को मंडी सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी सचिव ने आढ़तियों की जो बैठक बुलाई थी, उसमें उन्होंने यूनियन के प्रधान साहब सिंह को भी नही बुलाया। यूनियन प्रधान को ही उनकी मांगे मीटिंग में सबके सामने रखनी थी। मजदूरों ने मंडी प्रशासन से मांग की है कि जो भी मजदूर जिसकी दुकान पर मजदूरी कर रहे हैं उसकी बीमारी का खर्च वो ही आढ़ती देगा, क्योंकि बिल ज्यादा होने के कारण वो उसे देने में असमर्थ हैं। यूनियन प्रधान ने कहा कि हम सिर्फ उसी नियम के तहत काम करेंगे, जो ठेकेदार ने उनसे पहले कहे थे। 35 किलोग्राम की भरती की पेमेंट हम लेंगे, न सिलाई करेंगे और न ही गाड़ी लोड करेंगे। साथ ही पीने का स्वच्छ पानी व साफ शौचालय चाहिए। दो दिनों में अगर ये सुविधा नहीं मिली तो दोबारा बड़ी हड़ताल होगी और वो सड़कों पर होगी।
मजदूरों की सभी मांगें पूरी : सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण धनखड़ का कहना है कि हमने मजदूर यूनियन की सभी मांगें मान ली हैं। अब मंडी में पीने के पानी की जो सप्लाई होती है, वह 24 घंटे कर दी गई है। हमने सीवरेज की लीकेज भी ठीक करवा दिए हैं। वहीं, सभी शौचालय साफ करवा दिए गए हैं। सभी आढ़तियों को नोटिस भेज दिया है, लेबर का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अब हड़ताल खत्म कर दी है। मीटिंग होने के कारण मैं मजदूरों को देखने नहीं जा पाया, कल मजदूरों से मिलकर उनका हालचाल जानूंगा।