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शुगर मिल की नवीनीकरण की मांग को लेकर किसानों ने शुरू किया धरना

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल।
शुगर मिल के नवीनीकरण के लिए 50 गांवों के सैकड़ों किसानों ने मिल के गेट के बाहर धरना देकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। किसानों ने ऐलान किया कि यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो धरना वापस नहीं लेंगे। मिल के नवीनीकरण की मांग और सीएम की वायदा खिलाफी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने मिल के गेट के समक्ष बुधवार को धरना जारी किया।
धरने को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 10 महीने पहले वायदा किया था कि शुगर मिल का नवीनीकरण जल्द हो जाएगा। लेकिन इस बात को बीते 10 माह गुजर चुके हैं, लेकिन आज तक इस पर क्रियान्वयन नहीं हुआ। मान ने कहा कि किसानों की पंचायत में हरियाणा शुगरफेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया ने भी मिल के नवीनीकरण के लिए आश्वासन दिया था। 40 साल पुरानी शुगर मिल पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। यहां की सभी मशीनें आउट ऑफ डेटिड हो चुकी हैं, जिसकी वजह से किसानों को परेशानी होगी।
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उन्होंने कहा कि शुगर मिल मौजूदा हालात में एक दिन भी चलने लायक नहीं है। रतनमान ने कहा कि कंडम हो चुकी शुगर मिल के मामले को लेकर भाकियू लगातार आंदोलनरत है, लेकिन हर बार किसानों को आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। इस बार किसान आश्वासन नही, बल्कि मिल का नवीनीकरण करवा कर ही दम लेंगे। मान ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की घोषणा के बाद भी संबंधित अधिकारियों की ओर से शुगर मिल का नवीनीकरण नहीं करवाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर, श्याम सिंह मान, सुरेन्द्र सिंह सांगवान, मैहताब सिंह कादियान ने भी किसानों को संबोधित किया।
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इस बार गन्ने का रकबा बढ़ने से बढ़ेगी परेशानियां
पिछले साल 16 हजार एकड़ के क्षेत्र में गन्ने की पैदावार की गई थी। उस समय 40 लाख मीट्रिक टन गन्ने की डिलीवरी हुई थी। लेकिन मिल की हालात कंडम होने के कारण किसानों को दूर दूर के मिलों में अपना गन्ना लेकर जाना पड़ा था। जबकि इस साल 25 फीसदी गन्ने का रकबा बढ़ा है। इस बार 21 हजार एकड़ में गन्ना बोया गया है। इसकी वजह से 60 लाख टन गन्ने की पैदावार होने की आशा है। जबकि करनाल का शुगर मिल इस सीजन में चलने लायक ही नहीं है। यह बात इस बार अधिकारी और मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर चुके है। अभी तक नवीनीकरण का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। जबकि तीन माह बाद गन्ने आना शुरू हो जाएगा। यदि यही हालात रहे तो किसानों को गन्ने के लिए दूर-दूर जाना पड़ेगा। जबकि शुगर मिल को बने 40 साल हो चुके है।
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आज पंचायत में शुगर फेड के चेयरमैन से बात करेंगे किसान
किसानों द्वारा शुगर मिल के गेट के बाहर धरने की सूचना मिलते ही हरियाणा शुगरफेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया व एमडी वर्षा खंगवाल शुगर मिल के सामने धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि शुगर मिल के नवीनीकरण को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। कागजात तैयार हो चुके है। उन्होंने किसानों से 10 दिन की मोहलत मांगी। किसानों ने चेयरमैन और एमडी की ओर दिए गए आश्वासन पर इस बार भरोसा नहीं किया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने चेयरमैन कथूरिया को कहा कि वीरवार दोपहर 2 बजे वह किसानों के बीच में आएं और उन्हें यह बात सभी किसानों के सामने रखें। किसान यदि राजी होंगे तो उनकी बात पर विचार किया जाएगा। क्योंकि बुधवार को जब चेयरमैन और एमडी धरना स्थल पर पहुंचे, उस समय ज्यादातर किसान मौजूद नहीं थे। इसलिए पंचायत में शुगर फेड के चेयरमैन का संबोधन आज के लिए रखा गया। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि वीरवार को किसानों की सहमति से आगामी रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर घोघड़ीपुर से जोगिन्द्र, राजपाल, शेखुपुरा से रोशन लाल, सोहाना से बबलू, शेखपुरा से पृथ्वी, कलसौरा से जयप्रकाश, गढ़ीबीरबल से ओमपाल मढ़ान, चिढ़ाव से विशाल, नरुखेड़ी से प्रदीप, अमृतपुर खुर्द से ओमपाल राणा, नगला से राजकिसान, मंगलौरा से सतबीर, महमुदपुर से अभय राम, कुंजपुरा से गुरमेल सिंह, डबकौली से शीशपाल, जढ़ौली से नरेश कुमार, इनाम खान, नसीरपुर से प्रेम सिंह, मंगलौरा से फतेह सिंह, ढाकवाला गुजरान से सुभाष, रावर से कर्ण सिंह, ढिलवाड़ा से सूरजभान, लंडौरा से पुरुषोतम, बड़ा गांव नन्दलाल, चौरा से ईशम सिंह, मुढ़ोगढ़ी से कृष्णा, पीरबढ़ौली से कुलदीप, खराजपुर से राकेश, फुसगढ़ से कृष्णा लाठर, नवीरपुर से रामकुमार, झंझाड़ी से महाबीर मराठा और अजय कुमार, सुल्तानपुर से महेन्द्र सिंह, भैणीखुर्द से सुरजीत, ढाकवाला रोड़ान से जसमेर, पुण्डरक से सतेन्द्र कुमार, सदरपूर से नफे सिंह, घरौंडा से जसबीर राणा समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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