बीडीपीओ के सामने भिड़े ग्रामीण और सरपंच
- बाद में आश्वासन के बाद निपटा मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नीलोखेड़ी। गांव समानाबाहू के ग्रामीणों का शिष्टमंडल अपनी गांव की समस्याओं को लेकर बीडीपीओ से शिकायत की। कार्यालय में ही सरपंच द्वारा जवाब तलबी के दौरान सरपंच और ग्रामीणों में जमकर बहसबाजी हुई। शिष्टमंडल में एक व्यक्ति द्वारा सरपंच को जान से मारने की धमकी देने पर मामला तूल पकड़ गया। सरपंच ने एक ग्रामीण पर जान से मार देने की धमकी का आरोप लगाया और इसकी शिकायत एसपी और डीसी को करने की चेतावनी दी। गुरुवार को सुबह समानाबाहू गांव के अनेक ग्रामीणों ने बीडीपीओ को गांव से संबंधित मामलों को लेकर एक शिष्टमंडल बीडीपीओ से मिला। शिष्टमंडल ने बीडीपीओ से शिकायत में सरपंच के खिलाफ श्मशान घाट में एक वृक्ष को काटने पंचायत चुनाव के दौरान बिजली के बकाया बिलों, गंदे पानी की निकासी का प्रबंध ठीक तरह से न होने, पुरानी पाइप लाइन को न बदलने और गांव में अवैध कब्जे कराने के आरोप लगाए गए थे। बीडीपीओ ने शिकायत की जांच के लिए सरपंच और ग्रामीणों को कार्यालय में तलब किया। सरपंच इन आरोपों का जवाब दे ही रहे थे कि ग्रामीणों और सरपंच में बहस छिड़ गई। बहस के दौरान एक ग्रामीण ने सरपंच को जान से मारने की धमकी दी। सरपंच ने आरोप लगाया कि एक ग्रामीण ने उन्हें जान से मार देने की धमकी दी है। वह इसकी शिकायत एसपी और डीसी को करेंगे। मामला बिगड़ गया और दोनों पक्ष बीडीपीओ कार्यालय से बाहर आ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने सरपंच दीपक बंसल को मनाना शुरू कर दिया और सरपंच को शिकायत न करने के लिए राजी कर लिया। बीडीपीओ सुनेहरा सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को मामले की जांच कर ली गई है और जांच की रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी जाएगी। सरपंच दीपक बंसल ने बताया कि ग्रामीणों के अश्वासन के बाद फिलहाल उन्होंने शिकायत न करने का मन बनाया है।