फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थानडेरी के क्षेत्र में उद्यमियों के लिए अनेक संभावनाएं : डा. जॉली

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में एनडीआरआई ग्रेजुएट्स एसोसिएशन की ओर से डेयरी व खाद्य उद्योग में उद्यमशीलता व्यवसाय की उन्मुखी अवधारणा विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें फाइनेंशियल कैपिटल, ओन्टारियो, कनाडा के सीईओ डॉ. रमेश जॉली ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और संगोष्ठी का उद्घाटन किया। संस्थान के निदेशक डॉ. आरआरबी सिंह ने मुख्य अतिथि सहित अन्य प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस सेमिनार में डेयरी उद्योग से जुड़े करीब 300 प्रतिभागी दो दिन तक डेयरी और खाद्य उद्योग में उद्यमशीलता विषय पर मंथन करेंगे। डॉ. रमेश जॉली ने कहा कि भारत में वर्तमान परिस्थितियां नई खोज करने तथा उनको उद्यमी बनकर मार्केट में लाने के अनुकूल हैं। दुग्ध व्यवसाय में वैश्विक स्तर पर उद्यमियों के लिए अनेक संभावनाएं उभर कर सामने आ रही है। पिछले 15 वर्षों से भारत विश्व में सर्वाधिक दूध उत्पादन करने वाला देश बना हुआ है, जिसमें 18.5 प्रतिशत वैश्विक बाजार की हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार गंभीर रूप से बंटा हुआ है और भारत में 30 प्रतिशत से भी कम दूध संगठित डेयरी क्षेत्र द्वारा प्रसंस्कृत किया जाता, जबकि विकासशील देशों में यह 90 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 58 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी तरल दूध में है, 19 प्रतिशत घी में और 6 प्रतिशत पनीर में तथा अन्य उत्पादों में है। शेष 17 प्रतिशत बाजार में युवा उद्यमियों के लिए अनेक अवसर हैं। डॉ. जॉली ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि एनडीआरआई ने मानव संसाधन विकास एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया है, लेकिन समय के मांग को देखते हुए विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में बदलाव करने की जरूरत है, ताकि हमारे विद्यार्थी जॉब सीकर की बजाय जॉब प्रोवाइडर बने। उन्होंने कहा कि भारतीय डेयरी उद्योग के लिए यह सेमिनार निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर उन्होंने सेमिनार से संबंधित एक स्मारिका का भी विमोचन किया तथा गोल्डन जुबली पूरा करने वाले पूर्व ग्रेजुएट्स को स्मृति चिह्न देकर सम्मातिन किया गया।

200 युवाओं ने स्थापित किया रोजगार : डॉ. आरआरबी सिंह
डॉ. आरआरबी सिंह ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए संस्थान प्रयासरत है। संस्थान में बिजनेस प्लानिंग एंड डेवलपमेंट यूनिट से ट्रेनिंग लेकर करीब 200 युवाओं ने अपना रोजगार स्थापित किया है। उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित टेक्नोलॉजी का जिक्र करते हुए कहा कि संस्थान ने वर्ष 2017-28 में करीब 28 टेक्नोलॉजी विकसित की और डेयरी इंस्डस्ट्रीज को हस्तांतरित की हैं। इसके अलावा, डॉ. सिंह ने बताया कि संस्थान के विद्यार्थियों को उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए समय-समय पर डेरी उद्योग से जुड़े लोगों को संस्थान में बुलाया जाता है। किसानों को बनाना होगा डेयरी उद्यमी कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों को आय दोगुनी करने के लिए हमेें किसानों को डेयरी उद्यमी बनाना होगा, ताकि वे दूध का मूल्य संवर्धन करके अधिक मुनाफा कमा सके हैं। कार्यक्रम सचिव डॉ. एचआर गुप्ता ने बताया यह सेमिनार भारत तथा अन्य देशों की टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित करने के लिए एक अच्छा मंच प्रदान करेगा। डॉ. एके राय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


संवर्धन की जरूरत बढ़ी : एके अग्रवाल
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक अनुसंधान डॉ. बिमलेश मान, डॉ. एचआर गुप्ता सहित संस्थान के अन्य वैज्ञानिकगण उपस्थित रहे। बढ़ रही मूल्य संवर्धन की जरूरत एनडीआरआई ग्रेजुएट एसोसिएशन के अध्यक्ष एके अग्रवाल ने कहा कि समय के अनुसार लोगों को टेस्ट भी बदलता जा रहा है, ऐसे में मूल्य संवर्धन की जरूरत बढ़ती जा रहा है। इसलिए डेयरी एवं खाद्य क्षेत्र में उद्यमशीलता के अवसरों को मद्देनजर रखते हुए संगोष्ठी में इस विषय का चयन किया गया। प्रख्यात वक्ता शोधकर्ता और डेरी से जुड़े अन्य दिग्गज भारतीय और वैश्विक परिदृश्य में डेरी एवं खाद्य उद्यमशीलता, व्यवसाय की उन्मुखी अवधारणा पर मंथन करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें