अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री (करनाल)। इंद्री नगर पालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को एसडीएम प्रदीप कौशिक की मौजूदगी में सर्वसम्मति से हुआ। मंत्री कर्णदेव कांबोज की उपस्थिति में वार्ड नंबर एक से शिवानी गोयल ने 11 पार्षदों को समर्थन लेकर अध्यक्ष पद हासिल किया तो वहीं वार्ड नंबर 11 से नवनिर्वाचित पार्षद गुर इकबाल उर्फ बबी उपाध्यक्ष पद के लिए चुने गए।
वार्ड नंबर 6 से नवनिर्वाचित पार्षद दीप्ति नागपाल ने प्रधान पद के चुनाव से अपनी दूरी बनाए रखी। ऐसे में प्रशासन के पास केवल एक एक उम्मीदवार ने ही आवेदन किया और दोनों बिना किसी विरोध के चुन लिए गए। गौरतलब है कि इंद्री नगर पालिका के कार्यकारिणी 3 अप्रैल को भंग हो गई थी। आगामी नपा कार्यकारिणी का गठन करने के लिए 13 मई को नगर पालिका इंद्री के 12 वार्डों के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए थे, क्योंकि वार्ड नंबर तीन से पूजा गुप्ता को निर्विरोध पार्षद चुन लिया गया था। सोमवार को नपा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ। इसमें मंत्री कर्ण देव कांबोज के साथ हुई करीब एक घंटे की बैठक के बाद बिना विरोध के दोनों को चुन लिया गया।
इस मौके पर एसडीएम प्रदीप कौशिक, तहसीलदार दर्पण कांबोज, नपा सचिव शैलेंद्र शर्मा, सौरभ गोयल, बिल्डिंग इंस्पेक्टर जयदेव शर्मा प्रशासनिक अमले के अलावा संजीव गोयल, आरती गोयल रमेश सिंगला, पवन सिंगला, जयप्रकाश, बंसल, कुलदीप सिंह इत्यादि भाजपा समर्थक उपस्थित रहे। इस बारे में एसडीएम प्रदीप कौशिक ने बताया कि नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए केवल एक एक आवेदन प्राप्त हुए थे, इसलिए वार्ड 1 से शिवानी गोयल और वार्ड नंबर 11 से गुरइकबाल को निर्विरोध अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया है।
2003 से लेकर अब तक तीन बार हो चुका है तख्तापलट
इंद्री नगर पालिका का इतिहास उठाया जाए तो पूर्व के 3 प्लान में बने नपा अध्यक्ष की कुर्सी का तख्तापलट विधायक और सरकार बदलने के साथ-साथ होता आ रहा है। वर्ष 2003 में संपन्न हुए नपा चुनाव के उपरांत शोभा वोहरा अध्यक्ष पद की कुर्सी पर विराजमान हुई थी, जबकि 2005 में हरियाणा में हुए राजनीतिक परिवर्तन उपरांत वार्ड नंबर 6 के पार्षद वेद नागपाल अध्यक्ष पद की कुर्सी पाने में कामयाब हुए थे। वर्ष 2008 में संपन्न हुए नपा चुनाव उपरांत शारदा रानी नपा अध्यक्ष पद के लिए चुनी र्गइं थीं, जबकि 2009 में हुए उपचुनाव उपरांत वार्ड 8 की पार्षद राजदुलारी को अध्यक्ष पद की कुर्सी प्राप्त हुई थी। वर्ष 2013 में संपन्न हुए नपा चुनाव में सुनीता बैरागी अध्यक्ष पद पर विराजमान हुईं थीं, परंतु वर्ष 2014 में हरियाणा में हुए राजनीतिक परिवर्तन के चलते सुनीता बैरागी की जगह सुखविंदर कौर नपा अध्यक्ष पद की कुर्सी हासिल करने में कामयाब रहीं थीं। ऐसे में देखना है कि आने वाले समय में यदि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होता है या नहीं, तो क्या शिवानी गोयल अपनी कुर्सी सुरक्षित रख पाएंगी?
उपाध्यक्ष पद पर नहीं गिरती राजनीतिक परिवर्तन की गाज
2003 से अब तक देखा जाए तो नगर पालिका इंद्री का चुनाव तीन बार हो चुका है, जबकि अध्यक्ष पद का चुनाव 6 बार हो चुका है। किसी भी तरह के हुए राजनीतिक परिवर्तन की गाज नपा के उपाध्यक्ष पद पर नहीं गिरी है ऐसे में नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष पद की कुर्सी पर आसीन हुए गुरइकबाल उर्फ बबी की कुर्सी को सुरक्षित माना जा सकता है
नवनिर्वाचित नपाध्यक्ष ने जोश में लगाएं रामकरण जिंदाबाद के नारे
नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिवानी गोयल में अध्यक्ष चुने जाने का इतना उत्साह था कि वह मंत्री कर्ण देव जिंदाबाद की जगह रामकरण जिंदाबाद के नारे लगाने लग गई। कुछ देर तक तो भाजपा समर्थक असमंजस में पड़ गए की रामकरण कौन है? परंतु काफी देर बाद भाजपा समर्थकों को समझ में आया कि मंत्री कर्ण देव की जगह रामकरण जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं। बाद में शिवानी गोयल को बताया गया।