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जेबीटी टीचर्स ने नौकरी बचाने को सरकार के नाम फेंकी चूड़ियां और चुन्नी

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जेबीटी टीचर्स ने नौकरी बचाने को सरकार के नाम फेंकी चूड़ियां और चुन्नी
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-महिलाओं को सड़क पर घसीटा और जबरदस्ती बसों में डाला
-सीएम सिटी में टीचर्स व नगर पालिका कर्मचारी संघ के सदस्यों ने खोला मोर्चा
फोटो सहित
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। ज्वाइनिंग के कुछ दिनों बाद ही नौकरी गंवाने वाले हजारों जेबीटी टीचर्स को रविवार सीएम सिटी में पुलिस के क्रूर चेहरे का सामना करना पड़ा। सीएम कैंप हाउस से सौ मीटर दूरी पर सड़क के किनारे शांतिपूर्ण ढंग से 1259 जेबीटी अध्यापक को उठाने के लिए पुलिस ने सड़क पर घसीटा, यहां तक की पुलिस ने महिला अध्यापकों को भी नहीं बक्शा गया। खुद डीएसपी शकुंतला से लेकर सिपाही तक सभी ने महिला जेबीटी को भी सड़कों पर घसीटा। इससे कई जेबीटी अध्यापकों के कपड़े भी फट गए। इस दौरान गुस्साई महिला अध्यापकों ने अपनी चुन्नी और चूड़ियां उतारकर सड़क पर सरकार के नाम पर फेंक दी। आक्रोशित महिला अध्यापकों ने चुन्नियों में आग लगाकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी और अपनी चुन्नी उठा ली और चुन्नी पसार कर नौकरी की भीख मांगी।
करीब एक घंटे के बाद भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और उन्हें उठने की चेतावनी दी, लेकिन टीचर्स नहीं माने। कुछ ही देर में सड़क पर लेटी महिलाओं को महिला पुलिस कर्मचारियों ने जबरदस्ती उठाना शुरू कर दिया और हाथ और पैरों से घसीटते हुए उन्हें बसों में डाला गया। बाद में सभी को चार बसों में ठूसकर हिरासत में ले लिया गया व नई पुलिस लाइन और इंद्री व असंध में छोड़ दिया गया। देर शाम तक दोबारा से अध्यापकों ने सेक्टर 12 में धरना शुरू कर दिया है।
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गौरतलब है कि जेबीटी की भर्ती पूर्व सरकार ने की थी। इसका परिणाम 14 अगस्त 2014 को जारी किया हुआ था, लेकिन रिजल्ट आने के 20 माह बाद तक वे ज्वाइनिंग को लेकर आंदोलन पर रहे। दबाव के चलते प्रदेश सरकार ने इनको ज्वानिंग दी, लेकिन बाद में कंपाइल मेरिट बनाई तो 1249 की लो मेरिट करार देते हुए उनको टर्मिनेशन आर्डर थमा दिये। इससे अध्यापकों में रोष है और वे आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उनको नौकरी पर ज्वाइन कराया जाए।
अब बैरिकेट्स लगा रहे हो, वोट मांगने आओगे तो हम दरवाजे बंद कर लेंगे
मांगों को लेकर 12, 13 व 14 जुलाई को सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार पर चुनाव पूर्व किये वादो पर अमल न करने व सातवें केन्द्रीय सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू न करने का आरोप लगाते हुए 12 ,13 व 14 जुलाई को तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया है। रविवार को पुरानी सब्जी मंडी में आयोजित कर्मचारी आक्रोश रैली में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने यह ऐलान किया। इसके बाद कर्मचारी जब जुलूस के रूप में सीएम कैंप हाउस का घेराव करने पहुंचे तो रास्ते में पुलिस ने बेरिकेडस लगाकर उन्हें रोक लिया। कर्मचारी वहीं पर जम गए। इस दौरान शास्त्री ने तंज कसते हुए कहा कि अब बेरिकेडस लगा रहे हो, जब वोट मांगने आयोगे तो हम भी घर के दरवाजे बंद कर लेंगे। शास्त्री ने यहां तक कहा कि इस सरकार में अधिकारी हावी हैं, लेकिन वोट अधिकारियों को नहीं सीएम और उनके विधायकों को मांगने हैं।शास्त्री ने ऐलान किया कि तीन दिवसीय हड़ताल से पहले नगर निगमों, पालिकाओं व परिषदो के कर्मचारी 20 व 21 जून को काले बिल्ले लागयेंगें व 29 जून को 12 घंटे की भूख हड़ताल की जायेगी। उन्होंने कहा आंदोलन के अगले चरण मे पालिका कर्मचारी 6 व 7 जुलाई को शहरों व कस्बो मे झाड़ू प्रदर्शन करेंगे और 11 जुलाई को शहरों मे मशाल जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करेंगे।
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क्या हैं कर्मचारियों की मांगें
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को जनवरी, 2016 से लागू करना, ठेका प्रथा समाप्त करना, ईपीएफ, ईएसआई की राशि को कर्मियों के खातो मे डालना, सीवर, सफाई, फायर, बिजली व चालकों को 5 हजार जोखिम भत्ता व दस लाख का बीमा करवाने , कच्चे कर्मियों को पक्का करने, जब तक समान काम के लिए समान वेतन देना, कर्मियों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट व आवासीय कालोनियों का निर्माण करना आदि है।
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