तीन दिन तक रुक-रुक कर हुई बेमौसमी बारिश के कारण सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। बरसात से टमाटर, आलू, गोभी और पत्तेदार सब्जियां नष्ट हो गई हैं।
सब्जियों की फसल नष्ट होने से एक बार फिर सब्जियां मंहगी होने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि कृषि वैज्ञानिक गेहूं की फसल के लिए इस बारिश को अच्छा मान रहे हैं, परंतु जिन खेतों में पानी निकासी का प्रबंध नहीं है, उसके लिए ये नुकसानदायक साबित होगी। वहीं, बारिश के कारण एक बार ठंड बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं के लिए समस्या बढ़ गई है।
सुबह हल्की बूंदाबांदी होने के बावजूद शनिवार को भी पूरा दिन मौसम अठखेलियां करता रहा। फरवरी में लगातार तीन दिन हुई बारिश के कारण सब्जी उत्पादक किसानों को मायूसी हाथ लगी है। बारिश होने के कारण सब्जी की फसल को नुकसान हुआ था, लेकिन इस बारिश ने सब्जी उत्पादकों को पूरी तरह से पलीता लगा दिया है।
किसान जसपाल राणा, केहर सिंह, नरेंद्र कुमार, हरिराम, और धर्मपाल ने बताया कि इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर, मटर, आलू और गोभी की हुआ है। बारिश के साथ चली हवा से सब्जियां पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। लगातार हुई बारिश से पानी ठहर गया है, जिससे सब्जियां बचने की संभावना कम है।
पूरे करनाल जिला में नीलोखडी, घरौंडा, इंद्री और असंध क्षेत्र में सब्जी की फसल खराब हुई है। इन किसानों ने बताया कि बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष फरवरी में बारिश अधिक हुई है। उधर, कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गेहूं की फसल में बारिश का ज्यादा नुकसान नहीं है। केवल उन्हीं खेतों में नुकसान होगा, जिनमें पानी की निकासी का प्रबंध नहीं है।
बंपर होगी गेहं की फसल
फरवरी महीने में हुई बारिश गेंहू की फसल के लिए वरदान साबित होगी। अपेक्षा की जा रही है कि अगले 15-20 दिन मौसम ठंडा रहेगा। इस समय गेहूं की फसल में दाना बन रहा है। इसके लिए ठंड जरूरी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार गेहूं की फसल बंपर होगी। सीजन 10 दिन लेट शुरू होगा, लेकिन सब्जियों को इस बारिश से नुकसान हुआ है। जिन खेतों में पानी भरा हुआ है, उसे किसान निकालने का प्रयास करें।
-डॉ. पवन शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग।
तापमान में बढ़ोतरी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तीन दिनों में 19.2 एमएम पानी बरसा है। इस बारिश से मौसम में एक बार फिर से ठंडक बढ़ गई है। ठंडी हवाओं के कारण एक बार लोग फिर से घरों में दुबकने पर मजबूर हो गए हैं। वैज्ञानिक अगले कई दिनों तक मौसम साफ रहने की उम्मीद जता रहे है।
मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को तापमान में बढ़ोतरी हुई। शनिवार का अधिकतम तापमान 14.0 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 10.2 दर्ज किया गया है। नमी सुबह के समय 95 प्रतिशत और शाम के समय 80 प्रतिशत दर्ज की गई थी। वाष्पदाब सुबह के समय 9.7 एमएम और शाम के समय 9.6 एमएम रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को पूर्व से पश्चिम की दिशा में शनिवार को साढे़ तीन किलोमीटर की रफ्तार से ही चली। हवा की रफ्तार के कारण फसलें गिरने से नुकसान हुआ था। मौसम का यह बदलाव अगले कई दिनों तक जारी रह सकता है।
सड़कें खस्ताहाल, लोग परेशान
शहर की अधिकांश सड़कों की हालत किसी कच्चे रास्ते से कम नहीं रह गई है। बारिश होने के बाद तो इन सड़कों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन का शहर की सड़कों की ओर कोई ध्यान नहीं है। यहां तक कि सेक्टर 13, सेक्टर छह, सेक्टर आठ, मॉडल टाउन जैसे पाश इलाकों में भी सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं।
अस्सी फीसदी सब्जियां प्रभावित
घरौंडा। बारिश से गेहूं की फसल के साथ-साथ सब्जी की फसल का भी किसानों ने नुकसान हो रहा है। टमाटर की फसल पर लगभग 80 प्रतिशत नुकसान की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि नीचे स्तर पर उगाई गई सब्जी की फसल पर काफी नुकसान होगा।
बारिश के कारण आलू, मटर, टमाटर के साथ साथ कई सब्जियों पर प्रभाव पड़ा है। किसान संदीप पान्नु, कुलदीप शर्मा, रोशन लाल, मंजीत सिंह और अन्य ने बताया कि बारिश के कारण सब्जियों का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा असर टमाटर की फसल पर हुआ है। उन्होंने बताया कि फसल खराब होने से सब्जियों के भाव में गर्माहट आ सकती है। सब्जी विशेषज्ञ डा. धर्म सिंह ने बताया कि दो दिन की बारिश से निचले भाग में सब्जी उगाने वाले किसानों को नुकसान हुआ है।