अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान में फीड द फ्यूचर - इंडिया ट्राइंग्यूलर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत आधुनिक डेरी प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और सहकारिता विषय पर चल रहे 15 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हो गया।
इसमें डॉ. इंद्रजीत सिंह, निदेशक, पशुपालन विभाग पंजाब ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वहीं मुस्तफा हमजाओई, निदेशक, यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएड) विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनडीआरआई के निदेशक डॉ. आरआरबी सिंह ने की और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। एनडीआरआई के निदेशक डॉ. आरआरबी सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी अफ्रीकी और एशियाई देशों के लोगों को डेरी टेक्नोलोजी, प्रबंधन, को-ऑपरेटिव एवं मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी गई है। हमेें आशा है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों और उनके देशों के लिए प्रासंगिक साबित होगा। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि इस ट्रेनिंग में अर्जित ज्ञान को अपने देशवासियों के साथ जरूर साझा करें। मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रजीत सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपने अन्य साथियों एवं विद्यार्थियों को भी एनडीआरआई में डेरी क्षेत्र से संबंधित ट्रेनिंग लेने के लिए भेजे सकते हैं, ताकि वे भी भारतीय डेरी सेक्टर से संबंधित ज्ञान हासिल कर सकें।
उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने अपने देश में को-ऑपरेटिव के क्षेत्र मेें अमूल सोसायटी मॉडल को अपनाएं। मुस्तफा हमजाओई, निदेशक, यूएसएड ने कहा कि भारत डेरी सेक्टर के क्षेत्र में विश्व में छाया हुआ है। उन्होंने कहा कि एशियाई अफ्रीकी देशों में भारतीय तकनीकें आसानी से अपनाई जा सकती हैं। वे आगे भी एनडीआरआई में इस प्रकार के ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे। कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ. गोपाल सांखला ने बताया कि यह ट्रेनिंग प्रोग्राम राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन हैदराबाद (मैनेज) के सहयोग एवं अमेरिका की संस्था यूएसएड द्वारा प्रायोजित था। इसमें अफगानिस्तान, तंजानिया, कंबोडिया, केन्या, लाइबेरिया, मलावी, म्यांार और युगांडा सहित 8 देशों के 29 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें 23 पुरुष तथा 6 महिलाएं शामिल रहे। मैनेज हैदराबाद के उप निदेशक डॉ. महंतेश शिरूर ने ट्रेनिंग के बारे में अपने प्रभावी विचार रखे। डॉ. बीएस मीणा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. बिमलेश मान, बीएस मीणा, डॉ. सुजीत झा, डॉ. एचआर मीणा सहित अन्य वैज्ञानिकगण उपस्थित रहे।