करनाल। पिछले चार साल से सऊदी अरब में रह रहे गांव संगोही निवासी 26 वर्षीय सरित की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सरित के दोस्त ने परिजनों को बताया कि सरित का शव कंपनी के वर्कशॉप में फंदे पर लटका मिला। अभी तक सरित का शव गांव नहीं आया है। इसके लिए परिजन डीसी, एसपी, मंत्री व एबेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि सरित को एक नंबर से धमकी आती थी, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। इसलिए इस मामले की जांच की जाए। वहीं, दूसरी ओर गांव में इस बात का पता चलने से मातम छा गया। घर में परिजनों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
शनिवार दोपहर को दोस्त ने दी फोन पर सूचना
रामप्रताप ने बताया कि सरित के साथ बिजनौर का अंकित रहता है। उसने दोपहर को फोन कर बताया कि सरित ने कंपनी के वर्कशाप में फांसी लगाकर जान दे दी है। उन्हें उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ, तो अंकित ने फंदे पर लटके हुए सरित की फोटो उनके पास भेजी, जिससे उन्हें यकीन हुआ। इसके बाद वे रात को ही एबेंसी गए और वहां इस मामले की जानकारी उन्हें दी, लेकिन अभी तक उनके पास एबेंसी की ओर से भी कोई जवाब नहीं मिला है।
जुलाई में आया था सरित
सरित के भाई राम प्रताप व सचिन ने बताया कि उसका भाई सरित चार साल पहले सऊदी अरब गया था, वहां वह जद्दा शहर में सदर ग्रुप एक कंपनी में मैकेनिक के तौर पर काम करता था। ढाई साल बाद उसका भाई एक महीने के लिए जुलाई, 2018 में घर आया था और अगस्त में वह वापस सऊदी अरब चला गया था। सरित के पिता सतीश किसान हैं।
फोन पर मिलती थी सरित को धमकी
राम प्रताप ने बताया कि सरित का उसके पास फोन आया था कि एक मोबाइल नंबर है जिससे उसके पास फोन आते हैं और वह सऊदी अरब से जाने की बात कहता है और साथ ही जान से मारने की भी बात करता है। इसलिए उन्हें शक है कि सरित की मौत में उस नंबर का कहीं न कहीं रोल है। इसलिए इस मामले की जांच की जाए।