छापेमारी के दौरान झूठे केस वापस ले निगम, नहीं तो अफसरों को बंधक बनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे : भाकियू
-बिजली निगम के खिलाफ सड़कों पर उतरे भारतीय किसान यूनियन के सदस्य
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने बिजली निगम के अधिकारियों द्वारा म्हारा गांव जगमग गांव योजना व अवैध छापेमारी की आड़ में विभिन्न थानों में की गई झूठी शिकायतों पर कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि या तो निगम अधिकारी अपनी शिकायतें वापस ले नहीं तो यह मामला आरपार में बदल जाएगा। अगर अधिकारियों ने अपना किसान मजदूर विरोधी रवैया नहीं बदला तो भाकियू कार्यकर्ता गांव विरोधी अफसरों को बंधक बनाने से पीछे नही हटेगें या बिजली निगम अधिकारी तय करे की कब किसानों को कहां गिरफतार करना है। इसके लिए भाकियू कार्यकर्ता एकदम तैयार है।
सोमवार को करनाल की सड़कों पर कड़े तेवरों के साथ उतर कर सैकडों की संख्या में किसानों ने भीष्ण गर्मी के बीच सेक्टर-12 से पैदल चलकर बिजली निगम के एसई कार्यालय तक जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत एसई कार्यालय के बाहर किसान पंचायत लगा कर बैठ गए। किसान पंचायत की भनक लगने के बाद एसई एके रहेजा एक्सईएन कशिश मान किसानों के बीच खड़े हो गए। भाकियू ने कहा कि रात के समय बिजली चोरी की छापेमारी को सहन नही किया जाएगा। किसान नेता रतनमान ने सीधेतौर पर कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल तो किसानों की बातों को ध्यान से सुनते हैं, लेकिन कुछ अधिकारी इस तरह की किसान विरोधी चाले चल कर माहौल को खराब करने का कुचक्र चला रहे है। प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह घुम्मन, प्रेमचंद शाहपुर, वरिष्ठ किसान नेता बाबूराम बड़थल, जिलाध्यक्ष यशपाल राणा औगंद, जिला सरंक्षक महताब कादियान सहित कई किसान नेताओं ने किसान पंचायत को संबोधित किया।
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एसई ने दिया किसानों को आशवासन
पंचायत के बीच बिजली निगम के एसई एके रहेजा ने पहुंच कर किसानों को यह आश्वासन देते हुए कहा कि बिजली निगम की ओर से किसानों के हितों पर किसी प्रकार आंच नहीं आने दी जाएगी। किसान खेतों में जाकर आराम से काम करे। इसके उपरांत एक बार किसान शांत हो गए। इसी बीच रतनमान ने रहेजा को टोकते हुए कहा कि अगर आप पर सरकार का दबाव है तो किसान आज ही गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन एसई रहेजा इस बात पर एकदम चुप्पी साध गए। इस दौरान आंदोलित किसान जेल में जाने के ये किसान कहां चले, जेल चले भई जेल चले के लगातार नारे लगाते रहे।
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ाजपा कार्यकर्ता संयम बरतें
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने भाजपा कार्यकर्ताओं को सलाह देते हुए कहा कि किसान आंदोलन के बीच रोड़ा बन कर औच्छी राजनीति न करें। उन्होंने कहा कि करनाल व पानीपत के शुगर मिलों के नवीनीकरण करने के लिए चलाए गए किसान आंदोलन में भाजपा समर्पित सरपंचों सहित कई कार्यकर्ताओं ने किसान आंदोलन में बिना किसी वजह के उतावलापन दिखा कर विरोध किया। इसी तरह म्हारा गांव जगमग योजना को लेकर शुरू किए गए आंदोलन में भी कुछैक सरपंच व भाजपा पदाधिकारी किसान आंदोलन के विरोधी बने हुए हैं।
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ये रहे किसान पंचायत में मौजूद
जिला महा सचिव सतपाल बड़थल, जिला सलाहकार धनेतर राणा, जिला सचिव फते सिंह झिंडा, निसिंग खंड प्रधान राज सिंह राणा, असंध खंड प्रधान जोगीन्द्र सिंह झींडा, घरोंड़ा खंड प्रधान विनोद राणा, द्य. रणजीत सिंह जलमाना, बाबूराम डाबरथला, सुनील नली, कर्ण कालिया, आभेराम, नरेंद्र महमदपुर, ध्यान सिंह राणा, राजेंद्र सागवान, शमशेर नरवाल, रामफल नरवाल, श्याम सिंह चौहान, रोशन बड़थल, रणबीर कतलाहेडी, हरी सिंह नरवाल, राजेंद्र राणा औगंद, देशराज शाहपुर, रघबीर बड़थल, मान सिंह बड़सालू, प्रवीन बड़थल सहित काफी संख्या में किसान मजदूर मौजूद थे।