अमर उजाला ब्यूरो
तरावड़ी। प्रदेश सरकार द्वारा लोगों के लिए चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा हैै। योजना के फार्म भरने को लेकर लोगों तक जानकारी पहुंचाने तक किसी की जिम्मेवारी नहीं है। ऐसे में यह योजनाएं महिलाओं एवं आम लोगों के लिए गले की फांस बनकर रह गई हैं। नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी विरेंद्र बंसल एवं पार्षद अमित लांबा ने बताया कि तरावड़ी नगरपालिका में प्रधानमंत्री आवाज योजना महिलाओं के लिए सिर दर्द बनकर रह गई हैं क्योंकि यहां पर अधिकतर महिलाओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए फार्म भरे थे इसके बाद फार्मों में त्रुटि दिखाई गई, फिर से महिलाओं ने अपने पैसे खर्च करते हुए दोबारा से फार्म भर दिए, लेकिन अब फिर बार-बार दोबारा से उनके फार्म भरवाए जा रहे हैं। इधर, बार-बार फार्म भरने से गुस्साई महिलाओं ने तरावड़ी नगरपालिका में संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रधानमंत्री आवास योजना की आवेदक महिलाएं हरप्यारी, हरबेरी, धन्नो देवी, पूजा देवी, सुषमा, कमलेश, रीना, कमला रानी, लक्ष्मी, बतेरी देवी, राणी, सुभाष, जोगिंद्र, सुलेख, धंतर सिंह, राजेश कुमार, रमेश कुमार समेत अन्य आवेदकों ने बताया कि वह अब चौथी बार योजना का लाभ उठाने के लिए फार्म भर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। बार-बार नगरपालिका से फोन आ जाता है कि फार्म दोबारा भरने होंगे, लेकिन वह फिर से फार्म भर देते हैं, लेकिन फिर उनके फार्म रिजेक्ट दिखा दिए जाते हैं।
लोगों की तरफ ध्यान दे सरकार : वीरेंद्र बंसल
नगरपालिका तरावड़ी के पूर्व उपाध्यक्ष विरेंद्र बंसल ने बताया कि लोग रोजाना नगरपालिका के चक्कर पर चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नही है। उन्होंने बताया कि फार्मों के नाम पर लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। जब एक बार फार्म भरवा दिए गए तो बार-बार फार्म भरवाने का क्या मतलब हैं। उन्होंने बताया कि हर बार फार्म लेने के लि नए-नए कर्मचारी आते हैं, जब उन्हें कहा जाता है कि कई लोगों ने तो फार्म भरे हुए हैं, तब उनसे जवाब मिलता है कि फार्म दोबारा से भरने होंगे, जोकि सरासर गलत है।