डिप्टी मेयर का आरोप- सीएम हैं भाई की मौत के लिए जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। इनेलो नेता व नगर निगम में डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने हाईकोर्ट से पिता को अंतरिम जमानत मिलने पर आठ माह बाद करनाल से विधायक और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर पहली बार खुलकर निशाना साधा। नोटबंदी के दौरान तरावड़ी थाने में दर्ज मामले को लेकर भाई सोनू वधवा द्वारा आत्महत्या करने के लिए डिप्टी मेयर ने सीधे तौर पर सीएम को जिम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी का भी हाथ होने का आरोप लगाया।
डिप्टी मेयर ने आरोप लगाया कि क्योंकि उसने सीएम के खिलाफ चुनाव लड़ा था, इसलिए उन्होंने राजनीति खुन्नस निकाली और झूठा केस दर्ज कराया गया, जबकि ये मामला पुलिस का न बनकर आयकर विभाग का बनता था। वधवा ने ये भी आशंका जताई कि इस तरह से सीएम के खिलाफ प्रेसवार्ता करने का खामियाजा भी मुझे भुगतना पड़ सकता है, लेकिन अब उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। डिप्टी मेयर ने ये भी दावा किया कि सीएम उन्हेें बार-बार झूठे आश्वासन देते रहे, जबकि दोनों डीएसपी व सीआईए टू के इंचार्ज पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। रोते हुए वधवा ने कहा कि, अगर करनाल की जनता ने मौका दिया तो वे सीएम को करनाल से ही विधानसभा चुनाव में हराएंगे। शुक्रवार को गोल्डन मूवमेंड रेस्टोरेंट में प्रेसवार्ता के दौरान डिप्टी मेयर ने ये आरोप लगाए।
डिप्टी मेयर ने इस पूरे घटनाक्रम में केस दर्ज होने से लेकर भाई की आत्महत्या और पुलिस अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर सीएम को जिम्मेदार ठहराया। वधवा ने कहा कि, मैंने सीएम के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस कारण राजनीतिक साजिश के तहत मुझे और मेरे परिवार को फंसाया गया। नेताओं के इशारे पर ही पुलिस ने मेरे भाई सोनू वधवा को इतना प्रताड़ित किया कि मजबूरन उसने नहर में कूद कर जान दे दी। वधवा ने आरोप लगाया कि पार्षदों के खिलाफ बयान देने पर तत्कालीन भाजपा के जिलाध्यक्ष व नीलोखेड़ी के विधायक के खिलाफ उन्होंने कड़ी टिप्पणी की थी, जिस पर विधायक ने पार्षदों से माफी मांगी थी, इसलिए सभी ने मिलकर राजनीतिक षड्यंत्र रचा।
एक सवाल के जवाब में वधवा ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सीएम उन्हें न्याय देंगे, क्योंकि सीएम खुद दो बार उनके घर आए थे, लेकिन अब उनसे न्याय की कोई उम्मीद नहीं है, इसलिए वे आठ माह के बाद अपनी चुप्पी तोड़ रहे हैं।
कानून, प्रभु और जनता की अदालत में विश्वास, मिलेगा न्याय
वधवा ने कहा कि सरकार से विश्वास उठ चुका है। इस मामले में अदालत, प्रभु और जनता की शरण में है और कानून में पूरा विश्वास रखते हैं। अब वे जनता की अदालत में भी जाएंगे और बताएंगे कि किस प्रकार से उसके साथ छल किया गया। एक सवाल के जवाब में वधवा ने कहा कि वह अपने भाई की मौत पर राजनीति नहीं करते, लेकिन अगर मौका मिला तो अगली बार सीएम मनोहर लाल को जनता की अदालत में हराएंगे।
पुलिस अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं, हमें किया जा रहा प्रताड़ित
वधवा ने कहा कि सीएम के आश्वासन के बावजूद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसके विपरीत हमारे परिवार को ही परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी के दौरान हमारे परिवार के सदस्यों पर झूठा केस दर्ज किया गया। इसमें डीएसपी विवेक चौधरी, डीएसपी राजकुमार वालिया व सीआईए टू के इंस्पेक्टर जसपाल ढिल्लों शामिल हैं। आरोप है कि इनके प्रताड़ित करने के कारण ही उसके भाई सोनू ने आत्महत्या की। बावजूद इसके ये अधिकारी आज भी अच्छी जगह पोस्टेड हैं और जसपाल ढिल्लों अब भी सीआईए के इंचार्ज हैं।