गरमाया मामला : एमई बोले, क्वालिटी चेक नहीं की, चेयरमैन ने कहा, आरोप निराधार
अमर उजाला ब्यूरो
असंध। असंध नगरपालिका द्वारा कुर्सी व बोर्ड के घोटाले के आरोपों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को नगरपालिका में चेयरमैन दीपक छाबड़ा की अध्यक्षता में बैठक कर पार्षदों ने आरोपों को नकारा, साथ ही नपा के एमई ने कहा कि उन्होंने कुर्सियों की क्वालिटी चेक नहीं की थी, चेक कराने के बाद अगर कुर्सियां घटिया निकलती हैं तो उन्हें वापस किया जाएगा। ऐसे में गोलमाल के आरोपों को और बल मिल गया है। सवाल यह है कि बिना क्वालिटी जांचे की किसके कहने पर कुर्सियां नपा के अंदर रख ली गई। उधर, चेयरमैन दीपक छाबड़ा व अन्य पार्षदों ने कहा कि जो भी पार्षद उनके ऊपर घोटाला करने का आरोप लगा रहे हैं, उनके वे सभी आरोप निराधार हैं। छाबड़ा ने कहा कि जो भी पार्षद उनके ऊपर आरोप लगा रहे हैं वे उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। छाबड़ा ने यह भी कहा है कि उनके कार्याकाल में जो भी कार्य करवायें जा रहे हैं वे सभी कार्य निष्पक्ष व कानून के दायरे में रहे कर करवाये जा रहे हैं। नपा उप चेयरमैन संदेश जिंदल, महेंद्र कुमार,संजय भट्ट, कर्मबीर, मालख सिंह, मोनिया शर्मा आदि पार्षदों ने बताया कि नपा द्वारा जो भी कार्य करवाये जा रहे हैं वे सभी कार्य सभी पार्षदों की सहमती से करवाये जा रहे हैं। उधर, इस मामले में असंध नगरपालिका में एमई अशोक कुमार ने बताया कि असंध नगरपालिका ने 50 कुसियों के लिए ऑनलाइन टेंडर किए थे, जिस ठेकेदार ने कम रेट का टैंडर भरा था, उसे टैंडर दिया गया था। नपा द्वारा उसे वर्क परमीट भी जारी कर दिया गया था। उसने नपा कार्यालय में 20 कुर्सियां भेजी हैं, हमने उनकी क्वालिटी चैक नहीं की है, जल्द ही उनकी क्वालिटी को चैक किया जाएगा। अगर उनकी क्वालिटी सही नहीं हुई तो उन्हें वापिस भेज दिया जाएगा। वहीं जहां तक बोर्ड की बात है कुछ बोर्डों की क्वालिटी सही नहीं थी, उन्हें वापिस भेज दिया है। सभी 16 बोर्ड के लिए वर्क परमीट जारी कर दिया है। अभी तक किसी भी बोर्ड की पेमेंट नहीं की गई हैं। बता दें कि एक पार्षद द्वारा कुर्सियों व बोर्डों के फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था और खरीद में घोटाले के आरोप लगाए थे।