संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत जलमाना गांव के पात्र परिवारों को गांव की शामलात भूमि में दिए गए रिहायशी प्लाटों पर कब्जा दिलवाने की मांग की गई है। यहां 180 लोग पट्टा आवंटन होने के बावजूद 12 वर्षों से कब्जे के लिए तरस रहे हैं। प्लॉटधारकों ने शुक्रवार कोउपमंडल अधिकारी असंध और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के नाम ज्ञापन दिया।
ग्रामीण बलवान नेगल, इंद्र आल्हण, सुलतान सिंह, सुरेंद्र नेगल, रोहतास जांगड़ा, राममेहर, पप्पू सिंह, बीरा सिंह,निंदर सिंह, कश्मीर जांगड़ा ,जस्सा वाल्मीकि आदि ने बताया कि गांव की शामलात भूमि में 2012 में 180 पात्र परिवारों को 100-100 गज के प्लाट आवंटित किए गए थे। प्रशासन द्वारा उनके प्लाटों की निशानदेही दी गई थी।
उसमे कुछ परिवारों ने पेड़ पौधे भी लगाए थे लेकिन इसके बाद कुछ दबंगों ने दी गई निशानदेही पर ट्रैक्टर चला दिया और पेड़ पौधे नष्ट कर दिए और पानी भर दिया। जिसके बाद दी गई निशानदेही मिट गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे अपनी मांग को लेकर उपायुक्त करनाल और उसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाएंगे।
खंड विकास एवं पंचायत विभाग के एससीपीओ वीरेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीण अपनी मांग को लेकर खंड कार्यालय आए थे जिन्हें बताया कि 2012 में 180 ग्रामीणों को प्लाट आवंटित किए गए थे। जिन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। पीड़ितों का आवेदन व शिकायत पत्र ले लिया है इनके प्लाट लौटने का काम जल्द किया जाएगा।