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72.4 एमएम बारिश से शहर, गांव और खेत बने तालाब, और पानी गिरा तो होंगे बाढ़ के हालात

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। वीरवार सुबह से लेकर 11 बजे तक हुई तेज बारिश ने शहर की सड़कों, गांव की गलियों और खेतों को तालाब का रूप दे दिया। झमाझम हुई बारिश के कारण सड़कों पर एक फुट तक पानी जमा हो गया। शहर के सेक्टरों समेत कई कॉलोनियों में शाम तक पानी जमा रहा। वहीं, कुछ इसी प्रकार के हालात गांवों के रहे। तेज बारिश के कारण खेतों में फसलें भी जलमग्न हो गईं।
वहीं, पहाड़ों में हुई तेज बारिश के कारण यमुना नदी में भी 1.87 लाख क्यूसिक पानी आने से साथ लगते 40 गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। कई गांवों के लोगों ने जिला प्रशासन के पास फोन करके पानी निकासी के लिए पंप की डिमांड भी कर दी है। उधर, मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दो दिन तक बारिश जारी रहेगी। ऐसे में अगर और बारिश होती है तो जिले में बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने ग्राम सचिवों समेत पटवारी को अपडेट रहने के निर्देश जारी किए हैं।
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सिटी की सभी सड़कें पानी से लबालब
वहीं, दूसरी वीरवार को आठ घंटे में 72.4 एमएम बारिश हुई है। इस बारिश में सीएम सिटी में चारों तरफ पानी भर गया। पानी की निकासी का दावा करने वाले नगर निगम, पब्लिक हेल्थ के दावों की पोल खोल दी है। शहर में ऐसी जगह नहीं बची जहां जलभराव नहीं हुआ हो। शहर की कई कॉलोनियों में तो लोगों के घरों में पानी घुस गया। वहां के लोगों ने बाल्टियों से पानी घर से बाहर निकाला। इसी प्रकार, जीटी रोड पर भी पानी भरा रहा। आते-जाते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि जलभराव के कारण वाहन चालकों को सड़क पर गहरे गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे थे। इससे काफी देर तक जीटी रोड पर जाम की स्थिति रही। बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज, न्यायपुरी, सेक्टर-9, सेक्टर-8 समेत अन्य कॉलोनियों में पानी जमा हो गया। शहर की सबसे पाश इलाके मुगल कैनाल पर भी पानी जमा रहा।

बस स्टैंड पर दीवार फांदकर निकले यात्री, जीएम नहीं दे रहे ध्यान
वीरवार सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक हुई झमाझम बारिश में सबसे ज्यादा बस स्टैंड पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड गेट पानी भरा रहा। यात्रियों को दीवार फांद कर बस स्टैंड से निकलना पड़ा व बस स्टैंड के अंदर जाना पड़ा। सबसे ज्यादा समस्या एसडी स्कूल की ओर बस स्टैंड के गेट पर है, क्योंकि यहां एक गहरा बड़ा गड्ढा है जिसमें बारिश के बाद भी कई दिनों तक पानी भरा रहता है। यात्रियों को तो परेशानी होती है साथ ही जब वहां से बस गुजरती है तो उस गंदे पानी के छींटों से लोगों के कपड़े खराब होते हैं।

कॉलोनी के साथ, आईटीआई चौक व जीटी रोड पर भरा पानी
बारिश से सीएम सिटी जलमग्न हो गई। कॉलोनी, सेक्टरों की सड़कों के साथ-साथ आईटीआई चौक, बलड़ी चौक सहित जीटी रोड पर भी पानी भरा रहा। इस पानी से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि बारिश के पानी की निकासी को लेकर जीटी रोड पर कोई व्यवस्था नहीं है। जीटी रोड पर जो गंदा नाला है वह बंद पड़ा है। इस कारण जीटी रोड पर हलकी सी बारिश में पानी भर जाता है। इससे अलग कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स के क्वार्टरों के सामने भी पानी जमा हो गया। जिससे वे क्वार्टरों से बाहर नहीं निकल पाए। ऐसे में उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया।

अभी तक मानसून में हुई 803.4 एमएम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार वीरवार को अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की स्पीड 5 किलोमीटर प्रति घंटा रही, नमी सुबह व शाम 95 प्रतिशत दर्ज की गई, वेपर प्रेशर सुबह 21.0 दोपहर बाद 25.5 रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 घंटों में जमकर बरसात होने की संभावना है।
इस बार मानसून अच्छे से सक्रिय है, क्योंकि अभी तक मानसून में 803.4 एमएम बारिश हो चुकी है। इस बार जुलाई पिछले कई सालों की तुलना में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। लेकिन अभी मानसून बाकी है। मौसम विभाग के अनुसार अभी जमकर बारिश होगी। ऐसे में जुुलाई में रिकार्ड तोड़ बारिश होगी।
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खेत तालाब में तब्दील, धान की फसल डूबी
कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिले हुए थे तो वहीं वीवार की बारिश ने उन्हें परेशानी में डाल दिया, क्योंकि बारिश के कारण खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। जिनमें धान की फसल दिखाई ही नहीं दे रही है। किसान दिनभर खेतों से पानी निकाले में लगे रहे। बता दें जिलेभर में एक लाख 72 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपाई की जानी है, इसी प्रकार दस हजार हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की बिजाई की जाती है।
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