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सिविल अस्पताल में शुरू किया अस्थाई चार बैड वाला ट्रामा सेंटर

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के बाद अब सिविल अस्पताल में भी अस्थाई ट्रॉमा सेंटर शुरू हो गया है। फिलहाल इस ट्रॉमा सेंटर में चार बैड हैं और पहले दिन 13 मरीजों को उपचार किया गया। अधिकारियों को कहना है कि ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग में मेंटेनेंस कार्य पूरा होने पर इस अस्थाई ट्रॉमा सेंटर शिफ्ट कर दिया जाएगा और बेड की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी। फिलहाल अस्थाई ट्रॉमा सेंटर सिविल अस्पताल के रूम नंबर चार में चल रहा है, जो पीएमओ डॉ. पीयूष के रूम के सामने है। हालांकि, वहां जगह कम है, लेकिन आनन-फानन में अस्पताल के अधिकारियों ने ट्रॉमा सेंटर शुरू कर दिया है, ताकि मरीजों को समय पर इलाज दिया जा सके। सिविल अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से मेडिकल कालेज के एमरजेंसी वार्ड पर लोड कम होगा।
बता दें कि शहर के सिविल अस्पताल में ओपीडी शुरू हुए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर शुरू नहीं किया गया। शनिवार को पंचकूला से डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉ. प्रवीण सेठी ने अस्पताल का निरीक्षण किया और जानकारी ली की अस्पताल में फिलहाल मरीजों को क्या-क्या सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके बाद, देर शाम तक उन्होंने सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. पीयूष शर्मा के साथ मीटिंग की और ट्रॉमा सेंटर शुरू न होने के कारण जाने। इसमें सामने आया कि ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग में मेंटेनेंस का कार्य चला हुआ है। जिस पीडब्ल्यूडी विभाग कर रहा है और वह कार्य चार माह से धीमी गति से चल रहा है। इसके बाद, उन्होंने डीसी से इस बारे में बात की तो पीडब्ल्यूडी विभाग ने एक सप्ताह तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करने की बात कही। फिर डायरेक्टर ने पीएमओ को एक सप्ताह तक अस्थाई ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद चार बेड का ट्रॉमा सेंटर शुरू किया गया।
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मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में डॉक्टरों और मरीजों के बीच होती है कहासुनी
मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए शहर में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शुरू किया गया है। यहां मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं भी हैं, लेकिन यहां के डॉक्टरों का व्यवहार शुरू से ही मरीजों के साथ ठीक नहीं रहा है। यही कारण है हर रोज इमरजेंसी में मरीजों और डॉक्टरों के बीच कहासुनी होती है। इतना ही नहीं डॉक्टर और मरीज के भी झगड़ा भी हो चुका है। मरीज अक्सर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हैं, लेकिन सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को यह शिकायत नहीं मिलेगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
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सिविल अस्पताल के ट्राङ्खमा सेंटर की बिल्डिंग में मेंटेनेंस का कार्य चला हुआ है, जो एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसलिए अस्थाई चार बेड का ट्रॉमा सेंटर रूम नंबर 4 में शुरू कर दिया है। एक सप्ताह बाद इसे ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग में ही शिफ्ट कर दिया जाएगा।-डॉ. पीयूष शर्मा, पीएमओ, सिविल अस्पताल करनाल।
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