करनाल। नगर निगम करनाल, केवल खानापूर्ति के लिए नोटिस थमाए जाते हैं, कोई उसका जवाब दे या न दे। अतिक्रमण हटाए या न हटाए। कार्रवाई के नाम पर निगम केवल और केवल नोटिस थमा देता है। दुकानदार भी इसके आदी हो चुके हैं, नोटिस आया और डिब्बे में डाल दिया। इसके बाद न नगर निगम को नोटिस की याद आती है और न ही दुकानदारों को। परेशानी झेलनी पड़ती है आम जनता व बाजार में आने वाले ग्राहकों को। जब भी कोई शिकायत करता है तो निगम की तरफ से एक ही जवाब दिया जाता है कि अतिक्रमण हटाने को नोटिस दिए गए हैं।
यूं तो पूरे ही बाजार के हालात ऐसे हैं, पर आज बात हो रही है शहर की मुख्य मार्केट नेहरू पैलेस मार्केट की है। नगर सुधार मंडल द्वारा तैयार की गई इस मार्केट में न तो आना आसान है और न ही यहां से जाना आसान है। दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो बरामदे आम ग्राहकों के आने-जाने व धूप और बारिश से बचने के लिए हैं, उनके अंदर भी दुकानें सजी हुई हैं। इसके साथ ही दूसरा नजारा ये है कि जहां पर ग्राहकों की गाड़ियों के लिए पार्किंग की जगह है, वहां पर दुकानदार पैसे लेकर अवैध रूप से रेहड़ियां लगवाते हैं। इसके साथ ही खास बात ये है कि यहां पर दुकानें कम हैं और दुकानों के बाहर अवैध रेहड़ियां ज्यादा।
एक रेहड़ी से 3 से पांच हजार रुपये
नेहरू पैलेस में दुकान के बाहर रेहड़ी लगाने के नाम पर रेहड़ी संचालकों से 3 से 5 हजार रुपये की अवैध वसूली की जाती है। इसलिए एक-एक दुकान के बाहर तीन-तीन रेहड़ियां लगाई जाती हैं। सवाल ये है कि ये रेहड़ियां नगर निगम के स्थान पर लगाई जाती हैं, लेकिन पैसे दुकानदार वसूलता है। इतना ही नहीं ये सड़क लोगों के पार्किंग के लिए बनाई गई थी, लेकिन यहां पर पार्किंग नहीं हो पाती और दिनभर लोग जाम में फंसे रहते हैं।
कुल 81 में से 34 दुकानदारों ने बरामदों में रखा सामान
नगर निगम से आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार, नेहरू पैलेस में कुल 81 दुकानों का प्रावधान है। साथ ही पार्किंग के स्थान पर रेहड़ियां लगाने का कोई नियम नहीं है। निगम ने यह भी बताया है कि नेहरू पैलेस में दुकान नंबर 11, 19, 20, 26, 31 से 40, 42, 43, 44, 46, 47, 50, 51, 62 से 66, 69 से 71, 74 से 78 नंबर दुकानों में बरामदों में सामान रखा हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा ने बताया कि वह इस मामले को लेकर सीएम विंडो तक लगा चुके हैं, लेकिन इसका समाधान नहीं हुआ। अब वे इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
हम अतिक्रमण के खिलाफ : कालड़ा
इस बारे में व्यापारी नेता डॉ. जेआर कालड़ा ने कहा कि वे अतिक्रमण के खिलाफ है। ऐसा करने से शहर की सुंदरता खराब होती है, साथ ही बाजारों में आने वाले ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। रेहड़ी संचालकों से पैसे वसूलने का मामला काफी समय से चल रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। दुकानदार व व्यापारी भाइयों को भी इस अभियान में साथ देना चाहिए। मेरा सुझाव है कि अवैध रूप से रेहड़ियां लगाने के बजाए इनको स्थायी ठिकाने ऐसे स्थानों पर दिए जाएं, जिससे ग्राहकों को परेशानी न हो।
हटवाएंगे अतिक्रमण : डीएमसी
इस बारे में नगर निगम के डीएमसी धीरज कुमार ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का कार्य सफाई शाखा द्वारा किया जाता है। समय समय पर नेहरू पैलेस समेत अन्य स्थानों से अतिक्रमण हटाया जाता है। शहर के लोगों समेत व्यापारियों को भी इस बात को समझना चाहिए कि वे अतिक्रमण न करें, ताकि लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। दोबारा से नेहरू पैलेस का मुआयना कराकर अतिक्रमण हटाए जाएंगे। जहां तक रेहड़ी लगाने के नाम पर पैसे वसूलने की बात है तो लिखित में इस प्रकार की कोई शिकायत हमारे पास नहीं है, अगर कोई शिकायत देगा तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।