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चार साल में सीएम ने की 2024 करोड़ की 420 घोषणाएं, प्रशासन केवल 327 करोड़ के ही कार्य करा पाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। भाजपा नेता और जिले के प्रशासनिक अधिकारी सीएम सिटी करनाल में करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराकर उसे स्मार्ट बनाने का दावा करते हैं, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह इन दावों को केवल कागजी करार दे रहे हैं। शनिवार को प्रो. संपत सिंह के सीएम के गढ़ करनाल में आकर मुख्यमंत्री और यहां के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर हमला बोला। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आरटीआई के आधार पर आंकड़े पेश किए और दावा किया कि जो मुख्यमंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र का विकास नहीं करवा पाये हैं, वे पूरे प्रदेश का क्या विकास करवाएंगे? मीडिया को दस्तावेज सौंपते हुए प्रो. संपत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 8 नवंबर, 2014 से लेकर 12 अप्रैल, 2018 तक करनाल के लिए 420 घोषणाएं की। इन सभी घोषणाओं पर 2024 करोड़ रुपये खर्च होना था, लेकिन चार सालों में केवल 327 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। चार साल में केवल 14.72 प्रतिशत राशि ही खर्च हुई है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि आखिर करनाल का विकास कहां हुआ है? ज्यादातर योजनाएं अधूरी पड़ी हैं, अधिकारी केवल सीएम को गुमराह कर रहे हैं और झूठे आंकड़े पेश कर रहे हैं।

1294 करोड़ की 182 घोषणाओं पर एक रुपया भी नहीं हुआ खर्च
प्रो. संपत सिंह ने बताया कि सूचना अधिकार के तहत 13 जुलाई, 2018 को जो आंकड़े प्राप्त किए हैं। आरटीआई में साफ लिखा है कि मुख्यमंत्री की 57 घोषणाओं का तो अब तक अनुमानित खर्च ही तैयार नहीं हुआ। इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री की 182 घोषणाओं पर अनुमानित लागत 1294 करोड़ रुपये थी, लेकिन इन पर आज तक एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ।
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158 के मुकाबले खर्च हुए 106 करोड़
अब तक केवल 129 घोषणाओं पर अनुमानित लागत खर्च 158 करोड़, 42 लाख के मुकाबले केवल 106 करोड़, 67 लाख रुपये ही खर्च किए और पूरा कर दिया। इनमें से 29 घोषणाएं तो बिना पैसा खर्च किए ही पूरी हो गई। इनमें मंगलसेन ऑडिटोरियम, घरौंडा उपमंडल, असंध में एक्सईएन का ऑफिस, इंद्री में उपमंडल पशु पालन कार्यालय, कई स्कूलों का दर्जा बढ़ाने का काम व नासा जाने वाली स्मृति का पुरस्कार शामिल है।

936 करोड़ की 152 घोषणाएं पर काम शुरू, लेकिन खर्च केवल 200 करोड़
आरटीआई में ये भी है कि 936 करोड़ रुपये की 152 घोषणाएं जिन पर काम शुरू हुआ है। उन पर अब तक केवल 220 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की हास्यास्पद स्थिति जब सामने आई जब उनकी 11 घोषणाएं जिन पर 39 करोड़ रुपये खर्च होने थे, उनको अव्यवहारिक घोषित कर दिया अर्थात मुख्यमंत्री को यह समझ नहीं थी कि वह फिजूल की घोषणाएं क्यों कर रहे हैं।

180 सड़कों की घोषणा, 106 पर एक रुपया भी खर्च नहीं
आरटीआई के आधार पर प्रो. संपत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने करनाल में 180 सड़कों की घोषणा की। इनमें से 106 सड़कों पर एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ। अन्यों पर केवल 147 करोड़ रुपये खर्च हुए। जो केवल पैच वर्क तक सीमित रहे। यही स्थिति हवाई अड्डे की है। इसके लिए 11 करोड़, 85 लाख की घोषणा की। इसमें से 40 लाख ही खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश के लिए केवल 4 हजार घोषणाएं ही की थी। इनमें से कुछ पर ही काम हुआ है। करनाल की वीआईपी सड़क माल रोड जो केवल गड्ढों के लिए जानी जाती है।

अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है पूरे प्रदेश में
पूरे प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। विपक्षी नेताओं पर राजनैतिक बदले की भावना से मामले दर्ज किए जा रहे हैं। सीबीआई का दुरूप्रयोग किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रावर्ट वाड्रा के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने रणदीप सुरजेवाला के खिलाफ मामले झूठे बताएं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में भ्रष्टाचार चरम पर है। भाजपा नेता अपना विकास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 100 से ज्यादा आरएसएस के लोग सरकार पर थोपे है। संवैधानिक संस्थाओं पर गुजरात से लोग थोपे जा रहे हैं।

अस्पताल में डॉक्टर नहीं और कॉलेजों में लेक्चरर नहीं
प्रो. संपत सिंह ने बताया कि करनाल के लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बागवानी विश्वविद्यालय, महिला कॉलेज, डिग्री कॉलेज, स्कूलों के दर्जे, अस्पतालों की क्षमता बिना डॉक्टरों और अध्यापकों के बढ़ाए चालू कर दिए। प्रो. संपत सिंह ने आरोप लगाया कि करनाल सीएम सिटी और स्मार्ट सिटी न होकर घोषणा सिटी बनकर रह गई। करनाल में बिना आधारभूत संसाधनों के मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज खोल दिए। जहां पर स्टाफ और सुविधाएं ही नहीं हैं। उधार, के स्टाफ और संसाधनों से काम चला रहे है। नीलोखेड़ी का सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज सुविधाओं और स्टाफ के अभाव में दम तोड़ रहा है। यही स्थिति कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की भी है। यह कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज मात्र एक रेफरल सेंटर बन कर रह गया है। इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा अल्प संख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन स. त्रिलोचन सिंह, पूर्व विधायक नफे सिंह, अशोक कश्यप, सुरेंद्र नरवाल, रामफल कमालपूर और पालाराम, विक्रम लाठर मौजूद रहे।
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अपना घर संभालें प्रो. संपत : जगमोहन आनंद
प्रो. संपत सिंह द्वारा कि हमले को भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष जगमोहन आनंद ने भी पलटवार किया है। जगमोहन आनंद ने कहा कि, करनाल के लोगों को विकास दिख रहा है, हमें ये किसी से पूछने की जरूरत नहीं है कि विकास हुआ है कि नहीं। अगर प्रो. संपत सिंह आंखें खोलकर देखेंगे तो उन्हें विकास जरूर दिखेगा। अब चुनाव नजदीक हैं इसलिए कांग्रेस इस तरह से नेताओं करनाल में भेजकर लोगों को गुमराह करने की साजिश रच रही हैं। जगमोहन आनंद ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रो. संपत सिंह अपना हलका संभाले, करनाल की चिंता छोड़ दें। उन्होंने कहा कि इससे पहले कर्ण दलाल गुमराह करने वाले आंकड़े मीडिया के सामने लाते थे, लेकिन विधानसभा में वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय कितने काम हुए हैं और कितने घोटाले हुए हैं, पूरे प्रदेश को पता है। इसलिए हमें किसी के आंकड़े देखने की जरूरत नहीं है।
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