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स्वच्छ सर्वेक्षण-201

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में टॉप आने के लिए करनाल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपायुक्त डा. आदित्य दहिया ने वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 विषय पर आयोजित बैठक में जिला के निकाय से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में शामिल देश के 4 हजार 41 शहरों की सूची में करनाल को शीर्ष पर लाने के लिए जुट जाएं।
उपायुक्त ने बताया कि देश के शहरों में प्रतिस्पर्धा पैदा करके उन्हें स्वच्छ बनाने के लिए सर्वेक्षण शुरू किया गया था। इसे लेकर स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में देश के 434 शहरों को शामिल किया गया था, जिसमें करनाल उत्तर भारत के 2 से 5 लाख तक की आबादी वाली शहरों में सबसे स्वच्छ शहर चुना गया था। इस प्रतिस्पर्धा में यह शहर 65वें स्थान पर रहा था। अब हमारा लक्ष्य है कि करनाल टॉप 10 में आए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के अतिरिक्त जो अधिकारी स्वच्छ सर्वेक्षण में सराहनीय कार्य करेंगे, उन्हें जिला व राज्य स्तर पर सम्मानित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी स्वच्छता के कार्य में रुचि नहीं लेंगे, उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में विपरीत टिप्पणी लिख दी जाएगी। बैठक में नगर निगम आयुक्त डा. प्रियंका सोनी, नगर निगम के मुख्य अभियंता अनिल मेहता, ईओ धीरज कुमार के अतिरिक्त जिला की सभी नगर पालिकाओं के सचिव व मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस की एसोसिएट कुमारी शैलजा भी उपस्थित रही।
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डंपिंग प्लेस पर बनाएं चारदीवारी
उपायुक्त ने सचिवों को निर्देश दिए कि कूड़ा-कर्कट के लिए जहां-जहां भी डंपिंग प्लेस बनाए गए हैं, उनकी चारदीवारी बनवाई जाए। कूड़ा डालने वाले डस्टबिन को अच्छे से पेंट करवाकर उन पर नगर पालिका का नाम व स्वच्छ भारत मिशन लिखवाया जाए। शहरी क्षेत्रों में जहां-जहां नाइट स्वीपिंग नहीं है, उसको शुरू करके उसे बढ़ावा दिया जाए। अधिकारी अपने स्तर पर नाइट स्वीपिंग की चेकिंग करना भी सुनिश्चित करेंगे। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे हर महीने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए की जाने वाली गतिविधियों की समीक्षा करते रहेंगे, ताकि इसकी प्रगति की जानकारी मिलती रहे।
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अर्बन क्षेत्र को ओडीएफ के लिए तैयारियां मुकम्मल
करनाल। करनाल अर्बन को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए नगर निगम की ओर से सभी तैयारियां कर ली गई हैं। अगले कुछ दिनों में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम करनाल आएगी, जो ओडीएफ के लिए किए गए प्रयासों से आए बदलाव की स्थिति का जायजा लेगी। यह जानकारी निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने दी। आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा डॉक्यूमेंटेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। शहरी क्षेत्र में स्थित स्कूलों, आंगनबाड़ियों व एनजीओ की ओर से उनके क्षेत्रों को ओडीएफ होने के लिखित डॉक्यूमेंट प्राप्त हो गए हैं। यही नहीं, नगर निगम के सभी वार्डों के पार्षदों ने भी अपने-अपने वार्डों को ओपन डेफीकेशन से फ्री होने के प्रमाण भी दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा 27 जुलाई को ओडीएफ को लेकर शहर के नागरिकों से दावे एवं आपतियां मांगी गई थी, जिसमें 15 दिन का समय दिया गया था, यह अवधि भी आज समाप्त हो गई है, लेकिन शहर के किसी भी नागरिक की ओर से ओडीएफ को लेकर कोई भी दावा या आपति प्रस्तुत नहीं किया गया।
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