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-मानदेय की बढ़ोतरी पर आशा वर्कर गरजी

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आशा वर्करों में सरकार के प्रति गहरा रोष, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
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फोटो संख्या-13, 14
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आशा वर्कर ने प्रदर्शन किया। आशा वर्कर यूनियन के बैनर तले इक्ट्ठी हुईं वर्कर ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वर्करों ने ओएसडी को ज्ञापन सौंपना था, लेकिन ओएसडी मौके पर नहीं मिले और न ही किसी प्रतिनिधि को ज्ञापन लेने के लिए कहा गया। इस पर रोष जाहिर करते हुए वर्करों ने ओएसडी के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद में जिला सचिवालय में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। जिला प्रधान सुदेश ने कहा कि मुख्यमंत्री से बातचीत में मानदेय में 14:29 की बढ़ोतरी तय हुई थी। इसके बावजूद आज तक यह बढ़ा हुआ वेतन लागू नहीं किया गया। प्रदेशभर की आशा वर्करों में सरकार के प्रति गहरा रोष है।
प्रेस प्रवक्ता सुशील गुर्जर ने कहा कि सरकार की ओर से मानदेय में बढ़ोतरी का पत्र भी जारी किया गया, लेकिन नीयत में खोट होने के कारण लागू नहीं किया जा रहा है। प्रदेश सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करती है, लेकिन महिलाओं के अधिकार छीने जा रहे हैं। इस अवसर पर सुमन, संतोष, सुनीता, ममता, राजबाला, प्रोमीला, ओमप्रकाश सिहमार, कृष्ण शर्मा, अशोक पांचाल, रोशनलाल, ओमप्रकाश माटा, अनिल सैनी, सतपाल सैनी व सीटू से जगपाल राणा मौजूद रहे।
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मंत्री के खिलाफ आंगनबाड़ी वर्कर का निंदा प्रस्ताव
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर यूनियन ने कैबिनेट मंत्री की ओर से धरने, प्रदर्शन और हड़ताल पर रोक लगाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। यूनियन ने इस फैसले को तानाशाही निर्णय और जनता के अधिकारों का हनन करार दिया है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर के धरने प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया है। यूनियन की जिला कार्यकारिणी की मीटिंग में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। अध्यक्षता जिला प्रधान मधु शर्मा ने की और संचालन जिला सचिव रूपवती राणा ने किया।
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मधु शर्मा व रूपवती राणा ने कहा कि महिला एवं बाल विकास परियोजनाओं में कार्यरत आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर के धरने प्रदर्शन और हड़ताल पर रोक लगाना सरकार की घटिया मानसिकता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार महिलाओं के अधिकारों को खत्म करना चाहती है। पहले भी कर्मचारियों के आंदोलन पर सरकार ने रोक लगाई थी, लेकिन दबाव के चलते यह फैसला वापस ले लिया गया था। जिला उपप्रधान राकेश राणा व बिजनेश ने कहा कि सरकार के तानाशाही फरमान का विरोध करते हुए 18 जून को डीसी कार्यालय पर आदेशों की प्रतियां जलाई जाएंगी। इस अवसर पर मधु शर्मा, राकेश, सतपाल सैनी, रूपा, बिजनेश, ओमप्रकाश सिहमार, कृष्ण शर्मा, सुशील गुर्जर, मंजू फूसगढ़, ममता, उमा शर्मा, सुषमा कांबोज, सर्वेश, उषा, सुनीता और गीता मौजूद रहे।
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