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सड़कों पर बिखरा 1600 टन कूड़ा, वैकल्पिक इंतजाम फेल

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1600 tons of garbage scattered on the roads, alternative arrangements failed
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन कर्मियों की हड़ताल बुधवार को आठवें दिन भी जारी रही। जिससे करनाल सहित जिलेभर के स्थानीय निकायों में सफाई व्यवस्था चौपट रही। करनाल शहर में करीब 1600 टन कूड़ा गलियों से लेकर बाजारों तक सड़कों पर बिखरा पड़ा है, कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। त्योहारों के मौके पर लोगों को नाक व मुंह पर रुमाल रखकर निकलने को विवश होना पड़ रहा है। निगम कार्यालय पर हड़ताली कर्मियों का धरना जारी है। वहीं मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी होने के बाद कई बड़े नेताओं ने मोबाइल बंद कर लिए हैं। हड़ताल को 27 से 29 अक्तूबर तक और बढ़ा दिया गया है।
बुधवार को सह जिला सचिव सुशील गुर्जर आदि धरने पर भी बैठे। जिला प्रधान व प्रदेश उप प्रधान वीरभान बिड़लान, प्रदेश सचिव शारदा ने कहा कि हरियाणा सरकार कर्मचारियों की मांगें मानने को तैयार नहीं है, इसलिए कर्मचारियों ने तय किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने भी हड़ताली कर्मियों से बातचीत की, लेकिन बात बनी नहीं।
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रोजाना 180 टन निकलता है कूड़ा
नगर निगम क्षेत्र में सामान्य दिनों में रोजाना 180 टन कूड़ा निकलता है। जो दिवाली के समय 250 टन के पार हो जाता है। शहर में पिछले आठ दिनों से कूड़ा नहीं निकला है। जिसमें धनतेरस, छोटी और बड़ी दिवाली, गोवर्धन जैसे त्योहार भी आ गए हैं। ऐसे में यदि औसतन रोजाना 200 टन कूड़ा भी मान लिया जाए तो आठ दिनों में कम से कम 1600 टन कूड़ा शहर की गलियों और सड़कों में बिखरा पड़ा है। क्योंकि अब तक जिला प्रशासन के वैकल्पिक इंतजाम विफल साबित हुए हैं, हालांकि बुधवार की रात जरूर कुछ स्थानों से कूड़ा उठाया गया है।
निगम कार्यालय में कार्य चौपट
सुबह जब निगम कर्मी कार्यालय पहुंचे तो हड़ताली कर्मियों ने गेट बंद कर दिए। परिणाम ये रहा कि पूरे दिन कार्यालय खाली रहा। निगमायुक्त, उप निगमायुक्त ही बैठे दिखे। महापौर रेणू बाला गुप्ता, वरिष्ठ उप महापौर राजेश अग्घी भी कार्यालय नहीं पहुंचे। डिप्टी मेयर नवीन कुमार जरूर कुछ देर के लिए दोपहर कार्यालय आए, लेकिन कोई कर्मचारी अधिकारी नहीं होने के कारण वापस चले गए। निगम का कार्य पूरी तरफ ठप रहा। जिससे अपने कार्यों के लिए निगम आने वालों को निराश लौटना पड़ा।
रात को उठवाए कूड़े के ढेर
करनाल। उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि विभिन्न विभागों से 50 से अधिक सफाई कर्मचारियों व अन्य चालक आदि कर्मचारियों को बुलाकर निगम के संसाधनों से रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था कराई गई है। जिससे शहर के 45 सेकेंडरी प्वॉइंट से कूड़े के ढेरों को उठवाया गया है। इसमें 20 ट्रैक्टर-ट्रालियों को लगवाया गया है। हालांकि इतने कर्मचारियों से पूरे शहर की नियमित सफाई तो संभव नहीं है लेकिन फिर भी बेहतर प्रयास किया गया है।
मांगों को लेकर गंभीर नहीं सरकार
तरावड़ी। पिछले आठ दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बाजारों व गलियों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। हड़ताली कर्मियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है, इसलिए हड़ताल बेमियादी चलेगी। नगर पालिकाध्यक्ष विरेंद्र बंसल व नगरपालिका सचिव अजीत कुमार ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए जल्द कोई हल निकाला जाएगा। संवाद
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नपा कार्यालय पर दिया धरना
इंद्री। हड़ताली कर्मचारियों ने नपा कार्यालय के गेट पर धरना देकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि मांगों को लेकर कर्मचारी कई दिनों से धरने पर हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। यदि जल्द कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो धरने को अनिश्चकालीन चलाया जाएगा। संवाद
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