संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग ने छह से 19 अक्तूबर तक कुष्ठ रोगियों की तलाश के लिए जिले में अभियान चलाया। जिलेभर में गठित 571 टीमों और 114 सुपरवाइजरों ने अपनी संयुक्त रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सौंप दी है। रिपोर्ट में कुल पांच कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई है। इनमें चार मरीजों का स्वास्थ्य विभाग ने निशुल्क उपचार कर दवाइयां शुरू कर दी है। वहीं पांचवें रोगी में एक अन्य बीमारी के लक्षण मिले हैं। अन्य बीमारी का पता लगने के बाद ही विभाग पांचवें मरीज की दवाइयां शुरू करेगा।
डिप्टी सीएमओ एवं जिला क्षय रोग एवं कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. सिम्मी कपूर ने बताया कि छह से 19 अक्तूबर तक गठित टीमों ने जिलेभर के आठ लाख लोगों में सर्वे किया था। इनमें कुल 80 से 85 के बीच में संदिग्ध मरीज मिले थे। जिनको टेस्टिंग और चेकअप के लिए जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया था। जिसमें से डॉक्टरी जांच में मात्र पांच मरीज सामने आए थे। जिनका नागरिक अस्पताल से निशुल्क उपचार और दवाइयां शुरू कर दी गई है। जिससे कुष्ठ रोग को समाप्त किया जा सके। जिले में इससे पहले कुल 13 कुष्ठ रोगी हैं। जिनका इलाज चल रहा है। अब नए पांच रोगी मिलने से इनकी संख्या बढ़कर 18 हो गई है।
टीम में दो स्वास्थ्य कर्मी रहे शामिल
मेडिकल ऑफिसर डॉॅ. सौभाग्य कौशिक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में 571 टीमों का गठन किया गया था। इनमें एक टीम में दो स्वास्थ्य कर्मी, जिनमें एक आशा वर्कर और एक पुरुष वॉलिंटियर नियुक्त किया गया था। जिन्होंने आठ लाख लोगों के घर पर पहुंचकर कुष्ठ रोगी व संदिग्ध मरीजों की पहचान की थी और नागरिक अस्पताल में चेकअप के लिए मरीजों को रेफर किया था।
लक्षण दिखे तो कुष्ठ रोग विभाग में करें संपर्क
मेडिकल ऑफिसर डॉॅ. प्रदीप कुमार ने बताया कि चमड़ी पर लाल चकते, दाग, जिनमें खुजली, चुभन या जलन न हो बल्कि सुन्न हो और गर्म-ठंडे का अहसास न हो। ये धब्बे या निशान शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं। हाथ-पैरों में नमी का अनुभव, कोहनी के नीचे, कान के पीछे या घुटने के नीचे नस का सूजना। हाथों या पैरों की उंगलियों का मुड़ना। ऐसी स्थिति में तुरंत नागरिक अस्पताल में कुष्ठ रोग विभाग में जाएं या विभाग के टोल फ्री नंबर 0184-2268585 पर संपर्क करें और अपना मुफ्त इलाज शुरू करवाएं।