हैफेड, डीएफएससी आदि खरीद एजेंसियों ने हरियाणा राज्यभर के करीब 35 हजार आढ़तियों से गेहूं खरीद के दौरान बारिश आदि से हुए 160 करोड़ रुपये लस्टर लॉस के नाम पर काट लिए हैं। इतना ही नहीं भुगतान में विलंब पर मिलने वाले करीब 42 करोड़ रुपये के ब्याज को भी आढ़तियों को अभी तक नहीं दिया। इन दोनों मुद्दों के साथ ही मंडी के बाहर टैक्स फ्री खरीद के विरोध स्वरूप हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने 18 सितंबर से प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।
हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन और कार्यवाहक स्टेट प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि हरियाणा की मंडियों में करीब 35 हजार आढ़ती खरीद का कार्य करते हैं। पिछले दिनों गेहूं के सीजन में सरकार के मानकों के अनुरूप सभी ने गेहूं की खरीद की थी। किसानों को भुगतान भी समय पर किया था, जबकि खरीद एजेंसियों ने आढ़तियों को भुगतान काफी समय बाद दिया था। कमीशन देने में तो महीनों का समय लगा दिया। बारिश हुई, सभी को मालूम है। मंडियों से मॉल को उठवाने में खरीद एजेंसियों ने देरी की, यह भी सभी जानते हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य के सभी आढ़तियों से करीब 160 करोड़ रुपये का लस्टर लॉस काट लिया गया है, जो आढ़तियों का सीधा नुकसान है। आढ़तियों को मिलने में जो देरी हुई, उस पर जो ब्याज लगा, उसे भी आढ़तियों को नहीं दिया जा रहा है जो करीब 42 करोड़ रुपये बनता है। इन दोनों प्रमुख मांगों के साथ साथ आढ़ती मंडियों के ढांचे को बचाए रखने के लिए मंडियों के बाहर टैक्स फ्री खरीद का विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर 18 सितंबर से हरियाणा प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में अनिश्चतकालीन हड़ताल की जाएगी। साथ ही मंडियों में धरना प्रदर्शन भी किए जाएंगे। फिलहाल अभी आढ़ती किसानों के समर्थन में जिला मुख्यालयों में चल रहे धरना प्रदर्शन में सहभागिता कर रहे हैं।