करनाल। हरियाणा बागवानी विभाग की ओर से आयोजित चौथा आलू एक्सपो शनिवार को संपन्न हुआ। यह दो दिवसीय कार्यक्रम राज्य के साथ अन्य राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, बीज उत्पादकों, वैज्ञानिकों, खरीदारों, विक्रेताओं और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों के उत्साहपूर्ण भागीदारी में आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य आलू उत्पादन में नवीन तकनीकों का प्रदर्शन, उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ना रहा।
एक्सपो के द्वितीय दिवस एवं समापन समारोह में हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। इसमें पांच प्रगतिशील किसानों को आलू रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रत्येक को 11,000 की नकद राशि दी गई और 11 किसानों को आलू सम्मान से सम्मानित किया गया। इसमें प्रत्येक को 5,100 नकद राशि प्रदान की गई।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अर्जुन सैनी ने पुष्प-गुच्छ और महानिदेशक डाॅ. रणबीर सिंह ने स्मृति चिह्न भेंट किया। मंत्री ने सर्वप्रथम संस्थान में स्थापित अत्याधुनिक टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इसमें रोग-मुक्त एवं गुणवत्तायुक्त बीज आलू उत्पादन की प्रक्रिया को समझाया गया। इसके बाद उन्होंने एयरोपोनिक्स यूनिट का अवलोकन किया। यहां बिना मिट्टी के उन्नत तकनीक से बीज आलू उत्पादन की प्रक्रिया प्रत्यक्ष रूप से अवलोकन किया।
टिशू कल्चर प्रयोगशाला को मिली मान्यता-
इस दौरान बताया गया कि टिशू कल्चर प्रयोगशाला को एक अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा विधिवत निरीक्षण के बाद मान्यता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर मंत्री श्याम सिंह राणा ने बागवानी विभाग एवं वैज्ञानिकों को बधाई दी और इसे हरियाणा के लिए गर्व का विषय बताया। यह मान्यता प्रयोगशाला की तकनीकी क्षमता, गुणवत्ता मानकों और अनुसंधान सुविधाओं की पुष्टि करती है। साथ ही, वर्ष 2024 में राज्य सरकार द्वारा हर आलू लोगों का ट्रेडमार्क पंजीकरण कराया गया है, जो बीज आलू की उच्च गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता का प्रतीक है। मंत्री ने कहा कि यह ब्रांड हरियाणा के बीज आलू को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक होगा।
मंत्री ने किया आलू की किस्मों का निरीक्षण
कृषि मंत्री ने विभिन्न आलू किस्मों के प्रदर्शन प्रक्षेत्र (ट्रायल्स) का भी निरीक्षण किया जिसमें कुल 16 विभिन्न किस्मों की उपज क्षमता, रोग प्रतिरोधकता और बाजार उपयोगिता पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त उन्होंने नेट हाउस का अवलोकन कर संरक्षित खेती के माध्यम से बीज आलू उत्पादन की संभावनाओं पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में मंत्री ने एक्सपो परिसर में स्थापित विभिन्न फर्मों के स्टॉल का भ्रमण किया जहां सार्वजनिक और निजी कंपनियों द्वारा बीज, मशीनरी, तकनीकी सामग्री और अन्य कृषि उपकरण प्रदर्शित किए गए थे। उन्होंने स्टॉल संचालकों से संवाद कर तकनीकों की जानकारी ली और किसानों के हित में नवाचारों की सराहना की। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा देश में मछली उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा शहद का मूल्य 120 रुपये निर्धारित किया गया।