अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। बढ़ाते साइबर क्राइम का लेकर सीबीएसई अलर्ट हो गया है। बच्चे और युवा इस साइबर क्राइम का शिकार न हों। इसके लिए सीबीएसई की ओर से विद्यार्थियों को साइबर सिक्योरिटी की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए स्कूलों में साइबर सिक्योरिटी पर स्पेशल क्लास लगेगी। जिसमें स्कूल के छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम के बढ़ते खतरों से आगाह करने के साथ सेफ्टी रूल्स के बारे में भी बताया जाएगा।
शुरुआत में इस स्पेशल क्लास में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। क्लास के अलावा विद्यार्थियों को ई-पब्लिशिंग, ई-ऑफिस के अंतर्गत सॉफ्टवेयर व उनसे जुड़ी लाइसेंसिंग स्कीम, इंटरनेट की कार्यप्रणाली और वेब एप्लीकेशन का ज्ञान भी दिया जाएगा। जिले में 109 स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां खत्म होते ही जुलाई के पहले सप्ताह में यह क्लास शुरू हो जाएगी।
साइबर विशेषज्ञ पढ़ाएंगे सिक्योरिटी का पाठ
साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सीबीएसई ने इस शिक्षण सत्र से अहम कदम उठाया है। इन क्लास में साइबर विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाएगा। जो स्कूली स्तर पर ही विद्यार्थियों को साइबर सिक्योरिटी का पाठ पढ़ाएंगे।
साइबर सिक्योरिटी का विषय होना चाहिए शुरू : डॉ. प्रवीण
पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद डॉ. प्रवीण भारद्वाज का कहना है कि स्कूलों की तर्ज पर यूजीसी भी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में साइबर सिक्योरिटी को विषय के रूप में पढ़ा सकता है। यह कोर्स शैक्षणिक संस्थानों में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट के रूप में शुरू हो सकता है, ताकि छात्र साइबर क्राइम के प्रति जागरूक हो सकें। वहीं जागरूकता को लेकर ट्रेनिंग कॉलेजों में भी अनिवार्य होनी चाहिए।
स्कूली बच्चों को जागरूक करने के लिए सीबीएसई की ओर से यह कदम उठाया गया है। स्पेशल क्लास लगाकर बच्चों को साइबर सिक्योरिटी के टिप्स दिए जाएंगे। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा साइबर क्राइम से बचने के तरीके बताए जाएंगे। - डॉ. राजन लांबा, अध्यक्ष सहोदय स्कूल काप्लेक्स करनाल।