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स्वच्छता ऐप डाउनलोड करें और शहर की नौ समस्याओं का तुरंत कराएं समाधान

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स्वच्छता ऐप डाउनलोड करें और शहर की नौ समस्याओं का तुरंत कराएं समाधान
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-स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में ऐप के लिए रखे गए हैं 150 अंक
-निगम के सभी कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण, शहरवासियों से भी की अपील
एंकर प्रस्तावित समाचार
फोटो संख्या-6
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। अगर आप अपने करनाल को स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में एक बार फिर से नंबर वन बनाना चाहते हैं और शहर की नौ समस्याओं का समाधान तुरंत कराना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। जरूरत है बस स्वच्छता ऐप डाउनलोड करने और समस्याओं के फोटो उस पर डालने की। इससे एक तो शहर की समस्याओं का समाधान जल्दी होगा, साथ ही इससे शहर को 150 अंक भी मिलेंगे जो रेंकिंग के समय काम आएंगे। गौरतलब है कि जनवरी-2018 में स्वच्छ शहरों की रैंकिंग की जानी है। पिछले साल करनाल इस मामले में नंबर वन पर रहा था, इस बार भी करनाल को प्रथम स्थान पर लाने को लेकर नगर निगम ने तैयारियां कर रखी हैं। इसी के तहत बुधवार को नगर निगम कार्यालय के परिसर में निगम के तमाम कर्मचारियों को ईओ धीरज कुमार एवं मुख्य अभियंता अनिल मेहता की उपस्थिति में स्वच्छता एप को डाऊनलोड करने का प्रशिक्षण दिया गया। चीफ इंजीनियर अनिल मेहता ने कर्मचारियों को बताया कि आगामी जनवरी में देश के सभी शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर एक प्रतिस्पर्धा होने जा रही है, जिसमेें करनाल भी शामिल हैं। शहर के हर व्यक्ति को इस बात की जानकारी होनी चाहिए। सर्वेक्षण में यदि हमारा शहर स्वच्छता के सभी मापदंडों को अपनाते हुए खरा उतरेगा तो हम राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष या टॉप 10 में स्थान पा सकते हैं। उन्होंने निगम कर्मियों से कहा कि वे शहर की स्वच्छता के लिए स्वयं भी स्वच्छता एप का प्रयोग करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। स्वच्छता को लेकर शिकायत का समाधान होने पर उसकी फीडबेक भी जरूर दें। ऐसी करने पर ही हमें अच्छे अंक मिलेंगे।
टॉयलेट साफ नहीं या मृत पशु को नहीं उठा रहे तों भेजे फोटों
एप के माध्यम से खाली पड़े कूड़े का समाधान ही नहीं है, बल्कि 8 अन्य समस्याओं का समाधान भी करवाया जा सकता है। कूड़े के अलावा यदि किसी जानवरों की मृत्यु हो जाती है और उसे उठाया नहीं जाता, तो उसकी फोटो खींचकर भेजने पर निगम कर्मी उसे वहां से हटा देंगे। इसके अतिरिक्त, डस्टबीन साफ न होने, गारबेज के डंपिंग स्थल तक न पहुंचने व पब्लिक टॉयलेट में बिजली, पानी व सफाई ना होने जैसे समस्या को भी एप पर भेजा जा सकता है। एप पर समस्या डालते ही शहर की लोकेशन जरूर लिखें, ताकि कर्मचारियों को वहां पंहुचने में कठिनाई का सामना ना करना पड़े। ऐसी समस्या का समय रहते समाधान न होने पर सेनेटरी शाखा व सफाई कर्मियों की जवाबदेही निश्चित की गई है।
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दो जगह से होती है निगरानी
स्वच्छता एप की भूमिका अहम रहेगी। एप पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के माध्यम से दर्ज शिकायतों के समाधान की फीसदी पर अंकों का निर्धारण होगा। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एप में स्वच्छ शहरों की रैंकिंग के लिए 150 अंक रखे गए हैं। एप के माध्यम से स्वच्छता की मॉनिटरिंग न सिर्फ नगर निगम में कार्यरत सहायक आईटी प्रबंधक कर रहे हैं, ब्लकि इस पर केंद्रीय शहरी मामले मंत्रालय की नजर भी बनी रहेगी।
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ऐसे करें ऐप डाउनलोड
स्वच्छता एप के बारे में आयुक्त डा. प्रियंका सोनी ने बताया कि सबसे पहले एंड्रायड मोबाइल या आईफोन पर गूगल के माध्यम से प्ले स्टोर में जाएं और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एप को इंस्टाल कर इसे खोलें। एप खोलते ही आपको भाषा के 8 विकल्प मिलेंगे। भाषा का चयन करने के बाद आप अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करें। इस नंबर पर वन टाइम पासवर्ड भेजा जाएगा, जो स्वत: ही आपके मेसेज बॉक्स से चयनित हो जाएगा। उसके बाद फिल्टर बॉक्स में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें। यहां भी आपको कई विकल्प मिलेंगे। आप कूड़े से संबंधित या अन्य विकल्प पर अपनी शिकायत फोटो के साथ दर्ज कर सकते हैं। जैसे ही आपकी समस्या का समाधान होगा, उसका संदेश भी आपको भेजा जाएगा। यदि आप संबंधित शिकायत के समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो आप अपनी शिकायत दोबारा भी दर्ज करवा सकते हैं, लेकिन शिकायत फर्जी नहीं होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए 8053630000 पर संपर्क किया जा सकता है।
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