सत्याग्रह के बाद जीटी रोड की तरफ चले तंवर व समर्थक, पुलिस ने रोका, सड़क पर फेंकी सब्जियां
-तीन दिन के सत्याग्रह के बाद कांग्रेस के चुनावी आंदोलन का शंखनाद
-पुलिस ने लगाए बेरिकेट्स, सचिवालय से आगे नहीं बढ़ने दिया
फोटो संख्या-16 से 18 और 23 से 30
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सेक्टर-12 में चल रहे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व समर्थकों का तीन दिवसीय सत्याग्रह बुधवार दोपहर बाद समाप्त हो गया। हालांकि, इसके बाद कांग्रेसियों ने विरोध स्वरूप जीटी रोड पर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें लघु सचिवालय के पास ही बेरिकेट्स लगाकर रोक लिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पुलिस में काफी तनाव की स्थिति रही, कार्यकर्ताओं ने एक बेरिकेट्स को हटा भी दिया, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। इस पर कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सड़क पर सब्जियां फेंकी और सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। करीब आधे घंटे तक यह घटनाक्रम चला। बता दें कि सेक्टर 12 में पिछले तीन दिनों से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की अगुवाई में चल रहा सत्याग्रह शाम साढ़े चार बजे जय जवान और जय किसान के नारों के साथ संपन्न हो गया।
असंध से आए किसानों ने तंवर को पीली पगड़ी पहनाई। तंवर की बेटी ने तंवर को जूस पिलाकर सत्याग्रह का व्रत खुलवाया। इससे पहले, कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और किसानों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में शव आसन कर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। तंवर ने किसानों को प्रतीक बनाकर बताया कि मोदी सरकार ने तीन साल में देश को शव आसन में लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में तरक्की, विकास, किसान, अर्थव्यवस्था व ग्रामीण कुटीर व्यवस्था लकवाग्रस्त हो चुकी है। सत्याग्रह के अंतिम दिन सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को भेजा। तंवर ने कहा कि भाजपा का प्रदेश से विदाई का समय आ गया है। उन्होंने खट्टर सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव से पूर्व किए गए हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने और करनाल और हिसार में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनवाने के वायदे को अगर वह पूरा करते हैं तो आगे तंवर चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने कहा कि सीएम के एडीसी ब्रेड के नाम पर कुक की पिटाई करते हैं। इसलिए उन्होंने सीएम सिटी में यह सब्जियां फैंकी हैं, ताकि सीएम इन्हें उठाकर ले जाए, ताकि आगे सब्जी के नाम पर कुक की पिटाई होने से बच जाए। तंवर ने कहा कि तीन दिन के सत्याग्रह से सरकार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत हो गई है। कैप्टन ने साधा हुड्डा पर निशाना
वहीं, बुधवार को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने पहुंचकर सत्याग्रह को अपना सर्मथन दिया। इस दौरान कैप्टन अजय यादव ने सत्याग्रह में शामिल नहीं होने पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके समर्थकों पर निशाना साधा। कैप्टन ने कहा कि पार्टी के कार्यक्रम में हर कार्यकर्ता को जाना चाहिए, क्योंकि पार्टी एक व्यक्ति से नहीं बल्कि संगठन से चलती है। इस मौके पर तरूण भंडारी, पूर्व मंत्री सुभाष बत्तरा, पूर्व मंत्री बिजेन्द्र कादियान, पूर्व विधायक आंनद कौशिक, राज रानी पूनम, पंकज पुनिया, डा. सुनील पंवार, ज्ञान सहोता, अरविंद मान, आनंद हुड्डा, जगजीत हुड्डा, नरेश जांगड़ा, पराग गाबा, अनिल काम्बोज, शेर प्रताप, राम सिंह बसताड़ा, राजेन्द्र कल्याण, कर्ण सिंह संधु, धर्मबीर फौगाट, संतोष तेजान, संतोष कैरालिया, विजेश यादव, सीमा रावत, डा. कपूर सिंह, सुनील शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
खट्टर साहब ने सच बोला, यह सत्याग्रह का असर
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने सीएम मनोहर लाल द्वारा व्यापारियों को चोर बताए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा की उनके द्वारा किए गए तीन दिवस के सत्याग्रह का असर खट्टर साहब पर पड़ा है। खट्टर साहब ने खुद बेईमानी की है, यह वह खुद मान गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपाइयों ने कभी सच बोला ही नहीं है। उन्होंने हमेशा झूठ की राजनीति की है। चुनाव के दिनों में जो किसानों और जनता से वायदे किए थे, वही वायदे अब भाजपा सरकार के लिए सिरदर्द बने हुए है।
अच्छे दिन वाली सरकार करे 10 एकड़ के किसानों का कर्ज माफ
अशोक तंवर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। सरकार ने वहां 5 एकड़ तक के किसानों का कर्ज माफ किया है। जबकि हरियाणा और केंद्र में अच्छे दिनों वाली सरकार है। इसलिए 5 एकड़ का प्रदेश और 5 का केंद्र सरकार को माफ करने चाहिए। तंवर ने कहा कि कृषि क्षेत्र पर बीजेपी सरकार को श्वेत पत्र लाना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान किसानों को हुए नुकसान की भरपाई भी सरकार को करनी चाहिए। तंवर ने कहा कि जीएसटी लगने पर किसानों पर ओर मार पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर की कीमतों में 30 से 50 हजार रुपये तक का इजाफा हो जाएगा। जबकि कार में यह काफी कम है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह कम करना चाहिए।
सड़कों पर फेंकी हजारों रुपये की सब्जियां
प्रदेश के अलग अलग जिले से आने वाले लोग बुधवार को अपने साथ सब्जियां लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। सत्याग्रह की समाप्ति के बाद मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की तर्ज पर किसानों की फसल बेकर्दी के खिलाफ कांग्रेस ने किसानों के साथ मिलकर मिनी सचिवालय के पास हजारों रुपये की सब्जियां सड़कों पर फेंककर विरोध जताया। इसके बाद ट्रैक्टर से सब्जियों को कुचल दिया गया। वहीं, सत्याग्रह स्थल पर हर रोज पांच लोगों के जूते चोरी होने की घटना भी सामने आई हैं।