करनाल जिले के असंध कस्बे के सालवन रोड स्थित मायादेवी धर्मार्थ अस्पताल में सामने आया मामला लिंग जांच का नहीं, बल्कि गर्भपात का है। आरोपी डॉ. राजेश व उसकी सहयोगी आशु ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में यह खुलासा किया है। जांच में आरोपी डॉक्टर की डिग्री भी फर्जी मिली है और उसके घर और अस्पताल से नशे की गोलियां और गर्भपात की किट भी बरामद हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार को नीरू कांबोज की अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुवार को जींद स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि असंध के मायादेवी अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात कराया जाता है। इस पर जींद के स्वास्थ्य विभाग ने नकली ग्राहक तैयार करके असंध भेजा। असंध मायादेवी अस्पताल में आशु निवासी पिल्लुखेड़ा दलाल के तौर पर काम करती है। नकली ग्राहक ने आशु से बात की तो गर्भपात के लिए 15 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इस
के बाद महिला को डॉक्टर राजेश से मिलवाया गया। वहीं, आशु ने 15 हजार में से एक हजार रुपये वापस महिला को दे दिए और शाम को गर्भपात करने की बात कही। जैसे ही डॉक्टर ने महिला को दवा आदि देने शुरू किए तो महिला ने बाहर तैनात टीम कोे इशारा कर दिया और आरोपी डॉक्टर राजेश व महिला आशु को मौके से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही टीम द्वारा साइन करके दिए गए 14 हजार रुपये भी मौके से बरामद कर लिए। गुरुवार देर रात असंध थाना पुलिस ने विविभन्न धाराओं मेें डॉ. राजेश व आशु के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
डिप्टी सीएमओ ने बताया कि डॉक्टर के अस्पताल और घर की जांच की गई, जहां पर नशे की गोलियां, गर्भपात की किट व मशीन भी बरामद की हैं। जांच के दौरान डॉक्टर की बीएएमएस की डिग्री भी फर्जी पाई गई। जांच के दौरान इस बात का खुलासा भी हुआ है कि पहले डॉ. राजेश पिल्लुखेड़ा में प्रेक्टिस करता था और कुछ महीने पहले ही उसने यहां पर अस्पताल खोला था। साथ ही ग्राहक लाने वाली आशु पिल्लुखेड़ा की रहने वाली है। इस बारे में थाना प्रभारी असंध हरविंद्र ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत ने जेल भेज दिया है।
दो माह में तीसरा मामला
असंध में लिंग जांच और गर्भपात का धंधा लगातार बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले दो माह में असंध में यह तीसरा मामला है। इससे पहले 14 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिंग जांच करने के आरोप में तीन दलालों को काबू किया था, वहीं सात मई को एक होटल में चल रहे भ्रूण लिंग जांच धंधे का भंडाफोड़ करके चार लोगों पकड़ा था। यहां पर 30 हजार रुपये लिंग जांच हो रही थी। तीनों मामलों में केस दर्ज करके असंध पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वर्जन
यह मामला अवैध रूप से गर्भपात का है। पूछताछ में आरोपी डॉक्टर ने बातें कबूल की हैं। असंध में पहले ही लिंग जांच के दो मामले पकड़े जा चुके हैं। कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
- डॉ. राजेंद्र सिंह, डिप्टी सीएमओ, करनाल।