संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के सेक्टर आठ निवासी सुरेश खुराना के बेटे धीरज को डेंटल सर्जन की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
धोखाधड़ी में दो आरोपी शामिल बताए जा रहे हैं जिनमें से एक ने खुद को भाजपा के पूर्व करनाल सांसद संजय भाटिया के कार्यालय का प्रभारी बताया था, जबकि दूसरा एचपीएससी के पूर्व सचिव अनिल नागर का भाई बताया था। जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ित ने एसपी करनाल को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी आदित्य नागर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता सुरेश खुराना ने एसपी करनाल को दी शिकायत में बताया कि उसका रिश्ते में भाई लगने वाला जयदीप उसे अगस्त 2021 में मिला था। उसने बेटे धीरज के बारे में पूछा। उसने बताया कि वह एमडीएस करके अपना क्लीनिक चला रहा है।
उसने बेटे को सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही। जयदीप ने उन्हें पानीपत के भाजपा कार्यालय में बुलाया। वहां उसे पुनीत बतरा से मिलवाया और बताया कि वह विश्व हिंदू परिषद का जिला महामंत्री है और पूर्व सांसद संजय भाटिया के कार्यालय के प्रभारी हैं।
पुनीत बतरा ने उसी दिन आरोपी आदित्य नागर से फोन कर बात की। आरोपी आदित्य नागर ने कहा कि एचपीएससी का सचिव अनिल नागर उसका भाई लगता है। उसके बेटे धीरज को डेंटल सर्जन लगवाने के नाम पर 30 लाख रुपये की डिमांड की। बाद में पुनीत बतरा ने 25 लाख रुपये में डील पक्की हो गई। उसके बेटे ने आरोपी को अपना फार्म और अन्य लेटर भेज दिए।
20 सितंबर 2021 को जयदीप ने पंचकूला एचपीएससी ऑफिस जाने की बात कहकर उससे पांच लाख रुपये ले लिए। 24 सितंबर 2021 को पुनीत बतरा व जयदीप ने पूर्व सांसद संजय भाटिया के ऑफिस पानीपत बुलाकर पांच लाख रुपये ओर ले लिए।
25 सितंबर 2021 को जयदीप ने दोबारा फोन करके यह पैसे आदित्य नागर को दिल्ली देकर आने की बात कही।