कर्ण गेट के सुधरे हालात, अब कुंजपुरा बाजार पर कार्रवाई की योजना
- निगम ने दिया दुकानदारों को तीन दिन का नोटिस, विधायक बोले 15 दिन तक न करें कार्रवाई
- विधायक, मेयर, निगम आयुक्त और दुकानदार बैठक कर निकालेंगे अतिक्रमण की समस्या का समाधान
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण बाजार के हालात तो सुधर गए हैं लेकिन अब कुंजपुरा रोड बाजार के दुकानदारों को कार्रवाई का डर सताने लगा है। नगर निगम की टीम ने एक दिन पहले यहां के दुकानदारों को अवैध रूप से बनाए छज्जों को हटाने के नोटिस दिए थे। इसके लिए तीन दिन का समय देते हुए चेतावनी दी थी कि इसके बाद निगम कार्रवाई करेगा। इस पर कुंजपुरा रोड के दुकानदार रविवार को निगम कार्यालय में विधायक, मेयर और आयुक्त से मिलने पहुंचे। मेयर ने उन्हें एक दिन की मोहलत दी। दुकानदारों के आग्रह पर विधायक ने उन्हें 15 दिन का समय दिलाया। विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि 15 दिन तक निगम टीम दुकानदारों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न करे। तब तक दुकानदार अपने छज्जों को खुद हटाएं।
इसे लेकर सोमवार को विधायक ने दुकानदारों, मेयर और आयुक्त के साथ बैठकर सर्व सम्मति से हल निकालने की बात भी कही। इस बाजार में करीब 500 दुकानें हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि दुकानदारों ने दुकान के आगे पांच फीट तक छज्जे लगाए हैं जबकि नियमानुसार एक फीट तक ही छज्जा लगा सकते हैं। इनको हटवाने को लेकर निगम की ओर से नोटिस दिए गए थे।
इसके अलावा दुकानदारों ने विधायक से कहा कि उनके नालाें की सफाई नहीं हुई है। जिसकी वजह से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाती और यहां जलभराव की समस्या का खतरा बना हुआ है। विधायक ने कहा कि दुकानों के नाले कवर हैं। ऐसे में सफाई नहीं हो सकती। अगर नाले तुड़वाए जाएं तो सफाई हो सकती है। इस पर कुछ दुकानदारों ने थड़े तुड़वा कर सफाई कराने की बात कही लेकिन कुछ ने कहा कि कई जगह नाले बिल्कुल दुकान के पास और अंदर से हैं। जिससे उनको परेशानी हो सकती है। इस पर भी विधायक ने सोमवार को बैठक कर समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
20 साल बाद सुधरे कर्ण गेट बाजार के हालात
निगम की कार्रवाई से रोजाना सुर्खियां बंटोरने वाले कर्ण गेट बाजार के दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी वालों और यहां से आवागमन करने वालों ने राहत की सांस ली है। अब यहां के हालात सुधर चुके हैं। दोनों ओर पीली पट्टी के अंदर सामान लगाया गया। विधायक जगमोहन आनंद ने इस बदलाव का श्रेय बाजार प्रधान संकल्प भंडारी को दिया है। विधायक ने कहा कि उनके प्रयास से बाजार के दुकानदार कार्रवाई से भी बच गए और लोगों को राहत मिल गई। बाजार की सड़कें खुली रही। ऐसा नजारा करीब 20 साल पहले होता था।