अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सीएमओ कार्यालय के समीप न्यायपुरी कॉलोनी में धरने पर बैठे बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को शनिवार दोपहर पुलिस ने एस्मा के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सभी कर्मचारियों को सिविल लाइन थाने में हवालात में बंद कर दिया गया। वहां पर भी उन्होंने रोष जाहिर किया। यहां से उनका नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराकर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इस दौरा मजिस्ट्रेट रजत वर्मा ने गिरफ्तार सभी कर्मचारियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भी सिविल लाइन थाना में जाकर कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में रोष प्रकट किया। बता दें सीएमओ डॉ. अश्विनी द्वारा डीसी व एसपी को पत्र भेजकर धरने पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिसमें 93 कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने 6 सितंबर को मामला दर्ज कर लिया था।
शुक्रवार सुबह ही धरने पर बैठे बहुउद्देश्यीय कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। धरना स्थल पर सिविल लाइन थाना प्रभारी राजबीर यादव भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को 10 मिनट का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि वह इस समय के अंदर धरने से नहीं उठे तो उनको गिरफ्तार करना पड़ेगा। यह कहकर वह थाने चले गए। कुछ देर के बाद जब कर्मचारी नहीं उठे तो पुलिस दल-बल के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और उनको गिरफ्तारी देने की बात कही। जिस पर कर्मचारी सहमत हो गए। कर्मचारियों ने कहा कि वह गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। पुलिस ने एस्मा के तहत कार्रवाई करते हुए 52 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। जिसमें 24 महिलाएं शामिल थी।
इनको किया गया गिरफ्तार
धरनास्थल से कर्मचारी जगबीर सिंह, विनोद कुमार, बिशन सिंह, ओम सिंह बिजेंद्र, मुलतान सिंह, संदीप, सुरेश, राजीव, जसमेर सिंह, धर्मदास, अशोक कुमार, मनोज कुमार, संजीव, सतीश, जगबीर, सुरेश चंद, सुरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, सुनीता, कौशल्या, सत्यावंती, अनीता रानी, उमा, नरेश, सुदेश, चंद्रकांता, सुखबीर, ओमपति, शर्मिला, दर्शना, सुदेश सहित 52 को गिरफ्तार किया गया।