अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। बसताड़ा टोल से 325 ट्रकों को निकालने के लिए 16 लाख रुपये मांगने और ट्रक ड्राइवर पर हमला करने के आरोप में मधुबन पुलिस ने टोल डीजीएम संजय माथुर और टोल सिक्योरिटी इंचार्ज अशोक मलिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव डिंगर माजरा निवासी दिलबाग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि टोल प्रशासन ने 15 जून तक का समय देते हुए नोटिस लगाया था कि लोकल वाहन चालक अपना पास बनवा ले नहीं तो उन्हें भी अन्य वाहनों की तरह टोल टैक्स देना पड़ेगा। इस दौरान एक व्यक्ति मेरे ऑफिस में आया और कहा कि आपसे टोल डीजीएम मिलना चाहते हैं।
आरोप है कि एक दिन डीजीएम संजय माथुर अपने स्टाफ के साथ मेरे ऑफिस में आए और कहा कि टोल टैक्स पर फ्री की छूट खत्म होने वाली है अगर आप चाहें तो मैं आपकी कुछ मदद कर सकता हूं, क्योंकि आपके सभी वाहन कामर्शियल हैं, इनका कोई भी पास नहीं बन सकता। इसके समाधान के बारे में जब मैंने डीजीएम से पूछा तो उन्होंने 325 ट्रकों के 12 लाख रुपये मांगे जो कि लगभग 3600 रुपये प्रति ट्रक बनते थे। इसकी एवज में हमारे सभी ट्रक बिना टोल दिए वहां से निकलेंगे और 12 लाख रुपये 4 किस्तों में देना तय हुआ, जिसकी पहली किस्त हमने 3 लाख रुपये तैयार कर लिए, लेकिन उसने अपनी डिमांड को बढ़ाते हुए 16 लाख कर दिया, जिसे हमने देने से साफ मना कर दिया। आरोप है कि एक दिन अशोक मलिक टोल सिक्योरिटी इंचार्ज आया और 16 लाख रुपये देने का दबाव बनाया जब इंकार किया तो जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने यूनियन से बदला लेने की ठानी और 25 जून को उनके ट्रक ड्राइवर संजू पर टोल ने देने का बहाना बनाकर उसे पीटा।
आरोप है कि डीजीएम ने अवैध हथियारों के साथ बदमाश बुलाए हुए थे। इसके साथ ही उन्होंने मोहन शर्मा की आंख पर भी पिस्टल का बट मार कर उसे भी घायल कर दिया। इस मामले में मधुबन थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। मधुबन थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है, मामले की जांच की जा रही है।